आॅनलाईन ठगी का शिकार हुआ एक गरीब व्यापारी; पुलिस ने मामला दर्ज करने से किया इंकार | New India Times

अजीम तांबोली, मुंबई, NIT; ​आॅनलाईन ठगी का शिकार हुआ एक गरीब व्यापारी; पुलिस ने मामला दर्ज करने से किया इंकार | New India Timesप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काडिजिटल इंडिया और कैशलेश अभियान कितना सफल और कारगर होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल तो ऑनलाइन ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि होती जा रही है। पुलिस भी ऑनलाइन ठगी के मामलों को दर्ज करने में आनाकानी कर रही है, जिससे ऑनलाइन ठगों के हौसले  बुलंद होते जा रहे हैं।

ऐसी ही एक ठगी का शिकार मुंबई से लगे मीरा-भाइंदर शहर के काशीमीरा इलाके के मुंशी कम्पाउंड में भंगार का धंधा करने वाला युवक नज़रुद्दीन इदरीश खान (३५) हो गया। खान की पूरी जिंदगी की कमाई १० मिनट में ऑनलाइन ठगों ने ठगी कर उसे कंगाल कर दिया। ​आॅनलाईन ठगी का शिकार हुआ एक गरीब व्यापारी; पुलिस ने मामला दर्ज करने से किया इंकार | New India Timesमिली जानकारी के अनुसार नोट बंदी के बाद नज़रुद्दीन ने ३० नवम्बर को मीरा रोड पूर्व के पंजाब नेशनल बैंक में पहली बार अपना खाता खोला था और अपने पास रखे ३५ हजार ५०० रुपए तीन किश्तों में बैंक में जमा करा दिया थ। बैंक ने पोस्ट के माध्यम से नज़रुद्दीन को चेकबुक और एटीएम कार्ड भेज दिए थे। अचानक १९ दिसंबर को नज़रुद्दीन के मोबाइल नम्बर ९९३०८५७१४६ पर ७३२४९३८६५५ नम्बर से एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने नज़रुद्दीन से बताया की वह बैंक से फोन कर रहा है और पूछा की तुम्हारा एटीएम चालू रखना है या बंद करना है। इस पर नज़रुद्दीन ने उसे बताया की एटीएम चालू रखना है। इसके बाद फोनकर्ता ने नज़रुद्दीन से आधारकार्ड और एटीएम के पीछे लिखे नम्बर मांगे। कम पढ़े लिखे नज़रुद्दीन ने उसे अपने सभी नम्बर बता दिए। इसके बाद फोनकर्ता ने नज़रुद्दीन के मोबाइल पर आये हुए मैसेज कोड बताने के लिए कहा। नज़रुद्दीन ने वह कोड भी फोनकर्ता को बता दिया। इसके बाद फोनकर्ता ने नज़रुद्दीन से मोबाइल में आए सभी मैसेज डिलीट (मिटा) देने के लिए कहा। बस इस १० मिनट की बातचीत में फोनकर्ता ठग ने नज़रुद्दीन को कंगाल बना दिया। उसके बैंक खाते में जमा पैसों से फोनकर्ता ने ३५ हजार रूपये की ऑनलाइन खरीददारी कर ली। इस बात की जानकारी बैंक ने नज़रुद्दीन को दी तो उसके होश उड़ गए। बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। नज़रुद्दीन लगभग एक सप्ताह से पुलिस स्टेशन का चक्कर लगा रहा है लेकिन इंक्वायरी तो दूर की बात मामला दर्ज करने के लिए भी तैयार नहीं है। आॅनलाईन ठग आज भी ठगी करने के बाद उल्टा नजरूद्दीन को केस न करने के लिए धमका रहा है और पुलिस एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी नज़रुद्दीन का मामला दर्ज नहीं कर रही है, जबकि फोनकर्ता का फोन आज भी चालू है और उसके नम्बर पर फोन करने पर वह बात भी कर रहा है। पुलिस के रवैये से आॅनलाईन ठगों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और कैशलेश अभियान संदेह के घेरे में आता जा रहा है।

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