रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

थांदला सावलिया सेठ मन्दिर पर नो दिवसीय भव्य शिव पुराण का वाचन दाहोद गुजरात के सुप्रसिद्ध आचार्य पण्डित जैमिन शुक्ल के मुखारविंद से प्रारंभ हुआ कथा में प्रथम दिवस ही मातृ शक्ति का कथा श्रवण के लिए विशेष उत्साह देखा गया।
प्रथम दिन आचार्य द्धारा शिव पुराण का महत्व, शिव पुराण का मत एवम् शिव पुराण में बारह संहिताये के बारे में विस्तार से बताया अपने कथा में कहा की
शिव पुराण सभी पुराणों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण व सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पुराणों में से एक है।
श्रवण करने से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं
शिव धाम की प्राप्ति हो जाती है। मनुष्य को चाहिये कि वह भक्ति, ज्ञान, और वैराग्य से सम्पन्न हो बडे आदर से इनका श्रवण करें।
दिव्य शिव पुराण परब्रह्म परमात्मा के समान विराजमान है
