बुरहानपुर विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने एनएमओपीएस का ज्ञापन प्राप्त कर खुले आम दिया समर्थन | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। मध्यप्रदेश में इस साल विधानसभा का चुनाव होना है।इसके चलते कर्मचारी सरकार पर अपनी मांगे मनवाने के लिए येन केन प्रकारेण दवाब बना रहे हैं। इसी कड़ी में बुरहानपुर विधायक ठाकुर सुरेन्द्र सिंह उर्फ़ शेरा भैया को एनएमओपी द्वारा अपनी मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन दिया गया। वहीं विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह उर्फ़ शेरा भैया द्वारा इन कर्मचारियों/कर्मचारी संगठनों का खुलेआम समर्थन कर, बड़ी घोषणा भी कर दी है।

विधायक शेरा भैया ने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार बनते ही आपकी मांगों को पूर्ण किया जायेगा, जिसके बाद सभी संगठन के पदाधिकारियों में ख़ुशी देखी गई और सभी ने विधायक शेरा भैया का समर्थन करने का ऐलान किया। बता दें कि कर्मचारियों/संगठनो के इस आंदोलन को कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया है। खुद पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा है कि मैं आंदोलन का पूरी तरह से समर्थन करता हूं।


जानिए क्या है पुरानी और नई पेंशन स्कीम में अंतर

पुरानी पेंशन योजना (OPS) में कर्मचारी की सैलरी से कोई कटौती नहीं होती थी। वहीं नई पेंशन स्कीम में कर्मचारी की सैलरी से 10 फीसदी की कटौती की जाती है। साथ ही 14 फीसदी हिस्सा सरकार मिलाती है। पुरानी पेंशन योजना में रिटायर्ड कर्मचारियों को सरकारी कोष से पेंशन का भुगतान किया जाता था. वहीं नई पेंशन योजना शेयर बाज़ार आधारित है और इसका भुगतान बाज़ार पर निर्भर करता है। पुरानी पेंशन योजना में जीपीएफ (जनरल प्रोविडेंट फंड) की सुविधा होती थी लेकिन नई स्कीम में जीपीएफ की सुविधा नहीं है। पुरानी पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट के समय की सैलरी की करीब आधी राशि पेंशन के रूप में मिलती थी। जबकि नई पेंशन स्कीम में निश्चित पेंशन की कोई गारंटी नहीं है।


Discover more from New India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

By nit

This website uses cookies. By continuing to use this site, you accept our use of cookies. 

Discover more from New India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading