अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:

बृज यातायात एवं पर्यावरण जन जागरूकता समिति (रजि.) उत्तर प्रदेश के संस्थापक अध्यक्ष विनोद दीक्षित ने नगर निगम मथुरा के नगर आयुक्त को शिकायती पत्र सौंपकर ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में व्याप्त गंदगी और बदहाल स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है।
पत्र में उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर की स्थिति बेहद दयनीय और अस्वच्छ बनी हुई है। क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के बड़े ढेर लगे हुए हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह से विफल नजर आ रही है और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

विनोद दीक्षित ने कहा कि देशभर में चल रहे स्वच्छ भारत अभियान के तहत बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर की हालत इन दावों की पोल खोल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यहां “अधिकारी मस्त, आम जनता पस्त” जैसी स्थिति साफ दिखाई दे रही है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या स्वच्छ भारत अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है और क्या राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से जुड़े इस क्षेत्र के नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में जीने का अधिकार नहीं है।
समिति की ओर से नगर आयुक्त से मांग की गई है कि क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, कूड़ा उठाने के लिए पर्याप्त संसाधन और कर्मचारियों की तैनाती की जाए, तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अंत में उन्होंने सवाल किया, “सुनवाई कब होगी, नगर आयुक्त महोदय?” और उम्मीद जताई कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर जल्द ठोस कदम व्याप्त गंदगी और बदहाल स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है।

पत्र में उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर की स्थिति बेहद दयनीय और अस्वच्छ बनी हुई है। क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के बड़े ढेर लगे हुए हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह से विफल नजर आ रही है और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
विनोद दीक्षित ने कहा कि देशभर में चल रहे स्वच्छ भारत अभियान के तहत बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर की हालत इन दावों की पोल खोल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यहां “अधिकारी मस्त, आम जनता पस्त” जैसी स्थिति साफ दिखाई दे रही है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या स्वच्छ भारत अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है और क्या राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से जुड़े इस क्षेत्र के नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में जीने का अधिकार नहीं है।
समिति की ओर से नगर आयुक्त से मांग की गई है कि क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, कूड़ा उठाने के लिए पर्याप्त संसाधन और कर्मचारियों की तैनाती की जाए, तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अंत में उन्होंने सवाल किया, “सुनवाई कब होगी, नगर आयुक्त महोदय?” और उम्मीद जताई कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर जल्द ठोस कदम

