नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

कुर्सी को देवराज इन्द्र का आसन और सत्ता को स्वर्ग समझ बैठे शासकों के विवेक पर अहंकार के हावी हो जाने के बाद जनता को किन यातनाओं से गुजरना पड़ता है इसके सैकड़ों उदाहरण महाराष्ट्र में देखे जा सकते हैं। देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने OBC का राजकीय और मराठा समाज का सामाजिक आरक्षण कोर्ट में लटका दिया है। राजकीय आरक्षण के कारण तीन सालों से महाराष्ट्र के सभी निकायों के आम चुनाव नहीं हो पाने से पूरे प्रदेश में गंभीर अव्यवस्था फैल गई है। मुंबई पुणे नासिक के बाद डेंगू ने जलगांव में दस्तक दे दी है। खबर में प्रकाशित फोटो किसी तैराकी तालाब का नहीं बल्की जलगांव के गोलानी मार्केट के बेसमेंट का है। इस पानी में महानगर पालिका प्रशासक के आशीर्वाद से मच्छर पैदावार केंद्र शुरू कराया गया है।

मानसून की बारिश ने अचानक से ब्रेक ले लिया है जिसके कारण बढ़ते तापमान से हवा में गर्मी और उमस काफ़ी बढ़ चुकी है। बुनियादी विकास का ढांचा विकास और अनुशासन के बारे में जलगांव राज्य में सबसे पिछड़ा ज़िला है। आरोग्य विभाग में सर्वोत्तम काम के लिए महाराष्ट्र में मकबूल मंत्री गिरीश महाजन के जामनेर में निजी अस्पताल डेंगू टाइफाइड, मलेरिया मरीजों से भरने शुरू हो गए हैं। हम डॉक्टरी पेशे से जुड़े किसी भी प्रैक्टिस या कट की बात नहीं करेंगे बस “कट प्रैक्टिस” के उस विवादित बयान को याद दिलाना चाहेंगे जो गिरीश महाजन ने 2015 में दिया था।
वाघुर डैम में 65% जल भंडार हो गया है, जामनेर निगम का फिल्टर प्लांट पानी को शुद्ध करने के बजाय केवल खंगालकर टंकियों तक पहुंचा रहा है जिससे ताजे पानी में महज एक दिन के भीतर मच्छर अंडे देते नज़र आ रहे हैं। सूबे में लोकल बॉडीज की ओर से सार्वजनिक आरोग्य से संबंधित किसी किस्म का कोई भी काम जमीनी स्तर पर ठप है। नीम का पत्ता कड़वा है और कोई देश भड़वा है जैसी नारेबाज़ी करने वाले कट्टर पंथी तत्व और फोटो के लिए सफेद कपड़े पहनकर हाथ में झाड़ू लेकर सड़क पर उतरने वाले प्रचार (राष्ट्र) वादी नेताओं के समर्थक सरकार द्वारा पैदा की गई बदहाली के विरोध में कभी भी नागरिक नहीं बन पाते। महाराष्ट्र का राजकाज PMO व्हाया राजभवन से चल रहा है इस लिए डेंगू टाइफाइड मलेरिया के बढ़ते हुए संक्रमण की ज़िम्मेदारी राज्यपाल को लेनी चाहिए।
