दामिनी ऐप के माध्यम से पूर्व में ही मिलेगी आकाशीय बिजली गिरने की सूचना, जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दामिनी एप डाउनलोड करने के दिए निर्देश | New India Times

अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ, झांसी (यूपी), NIT:

दामिनी ऐप के माध्यम से पूर्व में ही मिलेगी आकाशीय बिजली गिरने की सूचना, जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दामिनी एप डाउनलोड करने के दिए निर्देश | New India Times

देशभर के साथ ही जनपद में हो रही बारिश के बीच गृह मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और मौसम विभाग ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को ‘दामिनी’ ऐप (Damini App) डाउनलोड करवाने का निर्देश दिए ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली गिरने से होने वाली मौतों की संभावना कम की जा सके। यह जानकारी जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार ने जनपद के समस्त अधिकारियों को देते हुए बताया कि दामिनी ऐप मौसम विभाग की ओर से तैयार किया गया एक मोबाइल ऐप (Mobile App) है। बिजली गिरने से लोगों को सावधान करने के लिए भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन भारतीय ऊष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे ने ‘दामिनी ऐप’ विकसित किया है। जिलाधिकारी ने दामिनी ऐप के बारे में विस्तार से बताते हुए ऐप कैसे कार्य करता है कि जानकारी दी। उन्होंने बताया दामिनी ऐप समय से पहले ही बिजली, वज्रपात, ठनका वगैरह की संभावना की सटीक जानकारी देता है. इसके लिए ऊष्णदेशीय मौसम विज्ञान के वैज्ञानिकों ने देशभर में करीब 48 सेंसर के साथ एक लाइटनिंग लोकेशन नेटवर्क स्थापित किया है. इस नेटवर्क के आधार पर ही दामिनी ऐप को विकसित किया गया है, जो 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने के संभावित स्थान की जानकारी देता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नेटवर्क बिजली गिरने का सटीक पूर्वानुमान बताता है. बिजली की गड़गड़ाहट के साथ ही यह वज्रपात की स्पीड भी बताता है। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि वज्रपात की स्थिति में क्या करें यह भी बताता है ऐप।

उन्होंने कहा इस ऐप में नीचे काफी इंफॉर्मेटिव जानकारियां दी गई है। बिजली गिरने पर बचाव कैसे करें, इस बारे में बताया गया है। सुरक्षा के उपाय के अलावा प्राथमिक चिकित्सा संबंधी जानकारी भी दी गई है। बिजली गिरने की घटना इंसानों और मवेशियों के लिए घातक होती है, इसे रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन इससे बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली गिरने की स्थिति के बारे में जागरूकता बहुत जरूरी है. दामिनी ऐप के माध्यम से इसका पूर्वानुमान लग जाता है और ऐसे में लोगों के पास पर्याप्त समय होता है कि वे सुरक्षित जगह पर चले जाएं, यानी सतर्क होकर जानमाल की क्षति से समय रहते बचा जा सकता है।
जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार ने बताया कि दामिनी ऐप को मोबाइल में डाउनलोड करना बहुत ही आसान है। एंड्रायड मोबाइल यूजर्स इसे गूगल प्ले स्टोर से और आईफोन यूजर्स इसे एप्पल स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड करने के बाद इसमें पंजीकरण करना होता है। इसके लिए आपको अपना नाम, लोकेशन वगैरह दर्ज करना होगा। ये जानकारियां देने के साथ ही यह दामिनी ऐप काम करना शुरू कर देता है. आपके लोकेशन के 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की चेतावनी ऑडियो मैसेज और एसएमएस से देता है।
जिलाधिकारी ने दामिनी ऐप की विशेषता को बताते हुए कहा कि अगर आपके इलाके में बिजली गिरने वाली है तो दामिनी ऐप आपको पहले ही चेतावनी देकर सावधान कर देगा। ऐसे में बिजली से बचने के लिए खुले खेतों, पेड़ों के नीचे, पहाड़ी इलाकों, चट्टानों के आसपास बिल्कुल न रुकें। धातुओं के बर्तन धोने से बचें और नहाने से तो बिल्कुल ही बचें। बारिश से बचें और जमीन पर जहां पानी जमा हो, वहां भी खड़े न रहें। छाते का कतई इस्तेमाल न करें। बिजली के हाइटेंशन तारों और टावर से दूर रहें। घर के अंदर चले जाएं। अगर कहीं बाहर हों और घर जाना संभव न हो तो खुली जगह पर ही कान बंद कर घुटनों के बल बैठ जाएं। खतरा टलने पर घर चले जाएं।
उन्होंने कहा कि शासन द्वारा आकाशीय विद्युत गिरने से होने वाली घटनाओं से बचाव हेतु दिशा निर्देश निर्गत किए गए हैं विद्युत चलित के समय निकट की किसी बिल्डिंग में आश्रय ले खुले क्षेत्र में किसी ने की जगह पर जाएं जैसे कि खड्डा या घाटी और यदि आप खुले में हैं और अलग-अलग पेड़ हैं उनकी ऊंचाई से दुगनी दूरी पर जमीन पर लेट जाएं। उन्होंने कहा जब तड़ित की आवाज सुनाई दे तो बाहर कतई ना जाएं।
उन्होंने कहा कि तूफान के दौरान टेलीफोन का प्रयोग ना करें बिजली बाहर के टेलीफोन लाइनों से टकरा सकती है। इसके अतिरिक्त हेयर ड्रायर, इलेक्ट्रिक टूथब्रश, इलेक्ट्रिक रेजर, प्लग इन बिजली के उपकरणों का उपयोग न करें।
जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार ने दामिनी ऐप की जानकारी देते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर खुली बैठक आयोजित कर उपस्थित किसानों को भी ऐप दामिनी ऐप की जानकारी दें ताकि सभी किसान ऐप के माध्यम से जान-माल की क्षति को प्रभावी ढंग से रोक सकें।

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