रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

रहमतों और बरकतों वाले रमजान के पाक और मुकद्दस महीने में बड़े बुजुर्गों के साथ मासूम बच्चे भी गर्मी की तपिश होने के बाद भी रोजा रख खुदा की इबादत में मशगूल हैं।
इसी के चलते नन्हें से मोहम्मद तनवीर मेहमूद उम्र 7 वर्ष मेघनगर ने भी रोजा रखकर इबादत की साथ ही पांचों टाइम की नमाज ओर विशेष नमाज तराबीह भी पढ़कर खुदा की इबादत में मशगूल है। माहे रमजान मोहब्बत प्रेम और भाईचारे के साथ साथ अल्लाह की इबादत का एक खास महीना है। इस माह में जकात सदका अदा किया जाता है। अल्लाह ने इस माहे रमजान का कुरान में जिक्र किया है इस पाक पवित्र व मुकद्दस महीने का समाज जनों को बेसब्री से इंतजार रहता है अपने गुनाहों से तौबा करने का यह मुकद्दस महीना माहे रमजान है। माहे रमजान के चलते मुस्लिम बस्तियों ओर मस्जिदों में अच्छी खासी रौनक देखने को मिल रही है। खुदा की इबादत में बड़ों के साथ-साथ मासूम बच्चे भी पूरी लगन के साथ मशगूल है। माहे रमजान के 30 रोजे पूरे होने पर ईद उल फितर (मीठी ईद) मनाई जाएगी।
