यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 60वीं पेडीकॉन व 30वीं आईपीए अंतर्राष्ट्रीय शिशु रोग कॉन्फ्रेंस में धौलपुर निवासी रिनी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ निखिल अग्रवाल ने धौलपुर का प्रतिनिधित्व किया। डॉ निखिल अग्रवाल धौलपुर पेडीकॉन एसोसिएशन के सचिव होने के नाते चेयर पर्सन के रूप में उनके द्वारा कॉन्फ्रेंस में मेडिको लीगल इश्यूज पर वार्ता की गई। उन्होंने बताया कि इन दिनों मरीजों के परिजनों द्वारा चिकित्सकों के ऊपर लापरवाही के आरोपों की संख्या बढ़ रही है जिसे कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हमें मरीज के इलाज के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता है मरीज के परिजनों से नियमित काउंसलिंग करते रहने की, साथ ही हर घंटे की स्थिति से उसके परिजनों को अवगत कराते रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि आमतौर पर देखा जाता है कि चिकित्सा मरीज को उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में देर से बताते हैं जबकि हमारा यह नैतिक दायित्व है कि हर घंटे की स्थिति से मरीज के परिजनों को अवगत कराते रहना चाहिए जिससे परिजनों को मरीज की स्थिति के बारे में पता रहे। उन्होंने कहा कि बढ़ती शिशु मृत्यु दर पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है और इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञ की रायशुमारी से कम किया जा सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसके बारे में चिकित्सकों को अभिभावकों को बताना चाहिए और गर्भधारण से लेकर शिशु के जन्म तक गर्भावती की सही प्रकार से देखभाल करनी चाहिए और उसके बारे में उसके परिवारिजनों को भी अवगत कराते रहना चाहिए जिसमें सभी चिकित्सकों को सहयोग देना चाहिए। उन्होंने बताया कि कॉन्फ्रेंस में 25 राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इलाज के नई तकनीक पर भी कांफ्रेंस के दौरान डिस्कशन किया गया।
