रहीम शेरानी/जयराज भट्ट, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले के सारंगी गर्मी के मौसम में तरबूज की मांग बढ़ जाती है, इसको देखते हुए ग्राम गंगाखेड़ी तहसील पेटलावद जिला झाबुआ के प्रगतिशील कृषक यश पिता परमानन्द खेर ने दिसंबर में ही ताइवानी तरबूज की बिजाई कर क्रॉप कवर से ढंक दिया। इससे फसल सुरक्षित हो गई, लागत खर्च कम हुआ और उत्पादन भी अच्छा मिला। ताइवानी तरबूज की खेती से उनकी खूब तरक्की हो रही है।
यश खेर ने कृषक जगत को बताया कि उन्होंने 5 बीघे में ताइवानी तरबूज की एक लोकप्रिय किस्म की 25 दिसंबर को बिजाई की थी और उसे 17 जीएसएम वाले क्रॉप कवर से गुफानुमा बनाकर ढंक दिया था। इससे कीटों से तो बचाव हुआ ही, फंगस भी नहीं लगा। तापमान भी नियंत्रित रहा।
इस कारण लागत खर्च भी कम हो गया। एक बीघे में 150 क्विंटल का उत्पादन मिला। यह क्षेत्र के पहले ऐसे किसान रहे, जिनके यहां सबसे पहले उत्पादन हुआ और दाम भी साढ़े तेरह रुपए प्रति किलो का मिला। जिसे रतलाम के एक व्यापारी ने खरीदा।
इस ताइवानी तरबूज की विशेषताएं बताते हुए खेर ने कहा कि यह तरबूज हरे रंग का है ,जिसमें मिठास भी ज़्यादा है।बीज भी कम निकलते हैं।
तरबूज छोटे -बड़े सभी आकार के हैं,जो डेढ़ किलो से लेकर 6 किलो तक के निकले हैं। तरबूज का औसत वजन 3 -4 किलो मिला है।इस किस्म को वे विगत तीन सालों से लगा रहे हैं। इस ताइवानी तरबूज से उन्हें अच्छी आय हो रही है और तरक्की के द्वार खुल गए हैं।
