जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार के नेतृत्व में उनके निवास पर मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा के जारी बजट सत्र के दौरान उठाए जाने वाले जनहित के प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि यह बजट सत्र केवल आंकड़ों का खेल नहीं बनने दिया जाएगा, बल्कि प्रदेश की जनता, किसानों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों और पिछड़े वर्गों की आवाज़ को मजबूती से सदन में उठाया जाएगा।
चर्चा में आए प्रमुख मुद्दे, जो विधानसभा में उठाए जाएंगे:
1. इंदौर-भागीरथपुरा जल त्रासदी
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में पीने के पानी में सीवेज की मिलावट से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य आपदा में 34 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है। उमंग सिंघार ने कहा कि इस गंभीर लापरवाही पर स्थगन प्रस्ताव दिया गया है, लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है। कांग्रेस विधायक दल इस मुद्दे पर सदन में जवाबदेही तय करने की मांग करेगा।
2. MSP संकट एवं किसानों की दुर्दशा
प्रदेश के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अनिवार्य सरकारी खरीद से वंचित किया जा रहा है। सरकार सीधी खरीद से बचकर ‘भावांतर मॉडल’ थोप रही है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों से भी मध्यप्रदेश के किसान प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी।
3. प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति
बजट के बढ़ते आकार के साथ प्रदेश पर कर्ज़ का बोझ बजट से भी अधिक हो गया है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से प्रदेश की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
4. मंत्रियों का इस्तीफा
गंभीर प्रशासनिक विफलताओं और जवाबदेही के प्रश्न पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राजेन्द्र शुक्ल तथा विजय शाह से इस्तीफे की मांग और उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
5. रुकी हुई सरकारी भर्तियाँ
प्रदेश में हजारों पद रिक्त पड़े हैं। वर्षों से भर्तियाँ लंबित हैं, जिससे युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
6. बढ़ता भ्रष्टाचार और महिला अपराध
प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में वृद्धि और महिला अपराधों में बढ़ोतरी गंभीर चिंता का विषय है। सरकार से ठोस जवाब और कार्रवाई की मांग की जाएगी।
7. आदिवासी, दलित एवं OBC अधिकारों पर सवाल
छह वर्षों से OBC वर्ग 27% आरक्षण के कानूनी अधर में लटका होने से वंचित है। सरकार न्यायालय में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में विफल रही है। साथ ही आदिवासी और दलित अधिकारों पर लगातार हो रहे हमलों को भी सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
8. मनरेगा
मनरेगा में पूरी मजदूरी की मांग और इसमें हो रहे भ्रष्टाचार पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह बजट सत्र सरकार की जवाबदेही तय करेगा। हम हर मुद्दे पर तथ्य और प्रमाण के साथ सरकार से जवाब मांगेंगे और सच्चाई को प्रदेश की जनता के सामने लाएंगे।

