बेरोजगारों को जॉब दिलावाने के नाम पर उनका खाता नंबर लेकर सायबर फ्रॉड के लिये खाता बेचने वाले अंतर्राज्यीय गैंग को सायबर क्राईम ब्रांच भोपाल ने किया गिरफ्तार | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

बेरोजगारों को जॉब दिलावाने के नाम पर उनका खाता नंबर लेकर सायबर फ्रॉड के लिये खाता बेचने वाले अंतर्राज्यीय गैंग को सायबर क्राईम ब्रांच भोपाल ने किया गिरफ्तार | New India Times

भोपाल सायबर क्राईम ब्रांच ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है जो बेरोजगारों को जॉब दिलावाने के नाम पर उनका खाता लेकर सायबर फ्रॉड के लिये
बेच देते थे।

मिली जानकारी के अनुसार भोपाल निवासी एक युवती ने
13 दिसम्बर 2021 को सायबर क्राईम ब्रांच भोपाल में लिखित शिकायती आवेदन दिया कि आयुष लिटोरिया नामक एक व्यक्ति के नौकरी दिलाने का लालच देकर बोला कि सैलरी के लिये बैंक में खाता खुलवाना पड़ेगा एवं वेरिफिकेशन के लिये बैंक पासबुक और एटीएम मेरे पास जमा करना पड़ेगा। फरियादिया ने केनरा बैंक में खाता खुलवाकर पासबुक और एटीएम आयुष लिटोरिया नामक व्यक्ति को दे दिये। पासबुक और एटीएम आयुष को देने के कुछ ही दिनों बाद जानकारी प्राप्त हुई कि उसके बैंक खाते में अत्याधिक मात्रा में ट्रान्जेक्शन हो रहे हैं जिसके कारण कैनरा बैंक के अधिकारी फरियादी का वेरिफिकेशन करने उसके घर तक पहुंचे। मानसिक रुप से परेशान होकर फरियादिया इस की शिकायत सायबर क्राईम ब्रांच जिला भोपाल में की । शिकायत आवेदन में आये तथ्यों एंव बैंक से प्राप्त जानकारी के आधार पर बैंक खाता एंव लिंक मोबाईल नंबर के उपयोग कर्ताओं के विरुध्द अपराध क्रमांक 329ध्21 धारा 420 भादवि का पंजीबध्द कर पुलिस द्वारा विवेचना में लिया गया।
सायबर क्राईम भोपाल की टीम त्वरित कार्यवाही कर तकनीकी एनालिसिस से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर भोपाल से कुल 6 आरोपीगण को गिरफ्तार कर जब उन से विस्तार से पूछ ताछ कि तो उन लोगों ने बताया कि आयुष लिटोरिया बेरोजगार लोगों से संपर्क कर कंपनी नौकरी दिलाने के नाम पर बैंक में खाता खुलवाता है। बैंक खाते में लिंक करने के लिये अपनी कंपनी के नाम से दुसरे मोबाईल नंबर प्रदाय करता हैं। फिर उसी मोबाईल नंबर पर दमज इंदापदह चालू करके सिम अपने पास रख लेता था उसके बाद सैलरी का वैरिफिकेशन करने के नाम पर खाता पासबुक और एटीएम भी ले लेता था। फरियादियों व अन्य किसी को पता न चले इसीलिए खाता पासबुकए एटीएम व सिम एक आरोपी से दूसरे आरोपी करके चैन बनाते हुए बिहारी गैग को बेच देते थे। बिहार निवासी मोहम्मद अजरूद्दीन उर्फ डक् जो भोपाल में रहकर पढ़ाई भी कर चुका हैं उसके जरिए ये खाताए सिम व एटीएम बिहार भेजते थे। इन खाता सिम व एटीएम कार्ड को भी पार्सल के जरिए और कभी आलोक व राहुल स्वयं की गाड़ी से आकर ले जाते थे। आप को बता दूं कि अभी तक आरोपीगणों द्वारा संयुक्त रूप से लगभग सभी राज्यों में बैंक खाता पासबुकए सिमकार्ड एवं एटीएम कार्ड बेंचने के इलेक्ट्रोनिक साक्ष्य प्राप्त हुए है।
आरोपीगणों से अपराध में प्रयुक्त बैंक पास बुक व एटीएम कार्ड तथा इसके अतिरिक्त बैंक पासबुक. 25ए एटीएम कार्ड. 22ए मोबाईल फोन मय सिम कार्ड. 22ए सिम. 18 देशी कट्टे दृ 02 और एक महिन्द्रा स्कार्पियो कार को जप्त किया ।
आरोपीगणों द्वारा अभी तक सायबर फ्रॉड के लिए प्राप्त किये गये खातों के बारे में पूछतांछ व अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पकड़े गये आरोपियो का विवरण एंव आपराधिक रिकार्डः-

1 आयुष लिटोरिया निवासी पिपलानी भोपाल, स्नातक जॉब का लालच देकर खाता खुलवाना।

2 निखिल शर्मा निवासी पिपलानी भोपाल, स्नातक , कमीशन लेकर बैंक खाता खुलवाना।

3- मोहम्मद अजरूद्दीन निवासी . ग्राम अम्बाहगोद पोस्ट भेड़ीहरबा, थाना शिकारपुर, जिला पंश्चिम पंचारण बिहार इंजीनियरिंग भोपाल में आलोक के लिए खाते खुलवाकर एकत्रित करना ।

4- कुंदन कुमार सिंह निवासी ग्राम कंचनपुर पोस्ट कंचनपुर थाना सासाराम जिला जिला रोहतास, बिहार इंजीनियरिंग भोपाल में आलोक के लिए खाते खुलवाकर एकत्रित करना।

5- आलोक कुमार यादव निवासी ग्राम लालसरैया, थाना मझौलिया जिला पश्चिम चम्पारण, बिहार 12 वीं पास भोपाल से खाते मोहण् अजण् एवं कुंदन कुमार से प्राप्त कर बिहार में अन्य सहयोगियों को प्रदान करना।

6- राहुल आलम निवासी ग्राम लालसरैया, थाना मझौलिया, जिला पश्चिम चम्पारण, बिहार स्नातक भोपाल से खाते मोह. अजण. एवं कुंदन कुमार से प्राप्त कर बिहार में अन्य सहयोगियों को प्रदान करना।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.