गोपाल किरन समाजसेवी संस्था ने वंचित श्रमिक परिवारों के बच्चों को गर्म कपड़े, ड्रेस वितरण कर उनको पहनवाये जूते-चप्पल | New India Times

संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

गोपाल किरन समाजसेवी संस्था ने वंचित श्रमिक परिवारों के बच्चों को गर्म कपड़े, ड्रेस वितरण कर उनको पहनवाये जूते-चप्पल | New India Times

गोपाल किरन समाजसेवी संस्था ने वंचित गरीब श्रमिक परिवारों व कूड़ा बीनने वाले बच्चों व गरीब बस्ती में गर्म कपड़े, ड्रेस, सूट, आदि संस्था की मुख्य संरक्षक श्रीमति संगीता शाक्य के संरक्षकत्व और श्रीप्रकाश सिंह के नेतृत्व व जहांआरा के मार्गदर्शन में न्यू मोहन नगर थाटीपुर, ग्वालियर में वितरित किये गये और जूते, चप्पल बच्चों को शोरुम पर बच्चों की पसंद के अनुसार क्रय किये। इस अवसर पर डॉ. पुरषोत्तम अर्गल, मीडिया से व समाजसेवी भी उपस्थित थे।

गोपाल किरन समाजसेवी संस्था ने वंचित श्रमिक परिवारों के बच्चों को गर्म कपड़े, ड्रेस वितरण कर उनको पहनवाये जूते-चप्पल | New India Times

श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने कहा है कि वह इसी तरह सहयोग करते रहेंगे बच्चों के लिए। साथ ही आग्रह किया कि पे बैक टू सोसायटी और फैमिली आपको सशक्त करने के लिऐ बहुत महत्वपूर्ण हैं।आपके रोज सिर्फ 5रू, 5मिनट, पांच लोगों से भेंट बहुत लोगों को अशिक्षा, बीमारी, अपराध, आत्महत्या, अंधविश्वास से बचा सकते हैं। जब भी कोई अत्याचार, बीमारी, शिक्षण संस्था, रोजगार सृजन में सहायता, फीस का, विहार का मैसेज मिले कम से कम 5/-रु या 50/-रु या 100 रु भेजिये, आपका ज्यादा कुछ नहीं जायेगा पर एक सशक्त समाज बनाने में आपकी अहम भूमिका होगी। आज एक क्षण में आप 5रू भेज सकते हैं, एक क्षण में किसी से भी बात कर सकते हैं, मोटीवेट कर सकते हैं। सहायता की कल्चर अपनाइये अंधविश्वास पर खर्च करने की जगह पे बैक टू सोसायटी और फैमिली पर खर्च करें।
जहांआरा ने कहा है कि अगर कोई कम आयु के लड़के व लड़कियाँ बाजार या सड़क पर भीख मांगते हुए नजर आएं या आपसे कहें कि मुझे इस वस्तु की जरूरत है तो उसे रूपये व पैसे न देकर उसको खाना खिलाइए या कपड़े या फिर जूते, चपल, गर्म कपड़े, किताब, कॉपी उन गरीब वंचित परिवार वालों को देकर मदद करें। इंसान की असली इबादत यही है ,आप मानव की मदद करें, आपकी हर मुश्किलों में कोई न कोई शक्ति आपको बचाती रहेगी जिस पर आप विश्ववास करते हैं। हम सड़क पर कूड़ा बीनने वाले व भीख मांगने को हतोत्साहित न करें ओर उनकी जरूरत का सामान प्रदान करें तो बेहतर होगा। उनको आगे आने के लिए मोटिवेट करते रहना चाहिए। आपके पास बच्चों के लिए कपड़े हों जो बाटने जा सकते हैं आपके पास यदि है तो हमें पहुँचा दें और यदि साथ चलकर सहयोग करना चाहते हैं या नए वस्त्र या कम्बल बंटवाने में सहयोग करना चाहते हैं तो आप मुझे व्हाट्सएप या कॉल करें।

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