मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश अधिकारी न्यायोचित मांग को बार-बार ध्यानाकर्षण के बावजूद मांग का निराकरण नहीं होना एवं न्यायोचित मांगों पर कोई आदेश नहीं किए जाने एवं नाही कर्मचारी संगठनों के संवाद किए जाने के कारण मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा एसडीएम एम.आर धुर्वे को ज्ञापन सौंपा. प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी सहित पेंशन निगम मंडल इत्यादि के कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान केंद्रीय निधि से 16% महंगाई भत्ता भुगतान तत्काल किया जावे. उच्चतम न्यायालय के निर्णय के प्रतीक्षा में पदोन्नति अति शीघ्र किया जाए. स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मंत्री परिषद के आदेश दिनांक 1 जनवरी 2020 से संदर्भ में दिया जाए. गृह भाड़ा भत्ता वाहन भत्ते सातवें वेतन अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों के समान दिया जाए. वेतन विसंगति सेवा अवधी अनुसार पदनाम नियुक्त दिनांक से वरिष्ठता के निराकरण दैनिक वेतन भोगी संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य कर्मी आउटसोर्सिंग की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाए. समिति के निर्णय का तत्काल आवेश हो एनपीएस व्यवस्था बंद कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू किया जाए. इन्हीं मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया जिस में मध्य प्रदेश कर्मचारी अधिकारी संघ के लोग बड़ी तादाद में उपस्थित रहे।
