हिमांशु सक्सेना, ग्वालियर (मप्र), NIT:

सोमवार को हुई बारिश के कारण अमृत की सडकें शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी हैं। शहर में चल रही अमृत की लाइनों की खुदाई लोगों को दर्द दे रही हैं। क्योंकि इनका समय पर रेस्टोरेशन का काम पूरा नहीं होने के कारण सड़कों पर गढ्डे और फिसलन भरी मिट्टी के कारण लोग चोटिल होना शुरू हो गए हैं। वहीं रेस्टोरेशन के कार्याें में की जा रही लापरवाही के चलते शहर की कई सड़कों से निकलना भी दुर्भर हो चुका है। इनमें से कई मुख्य सड़कें भी शामिल हैं जो कि लोगों को दर्द दे रही हैं। सोमवार को हुई बारिश के कारण दो पहिया वाहन चालक फिसल कर गिर पड़े इसके कारण दो लोग बुरी तरह से चोटिल भी हुए हैं।
शहर में अमृत की लाइनें बिछाई जा रही हैं, लेकिन ठेकेदारों को लाभ देने के लिए समय पर अधिकारियों द्वारा इनका रेस्टोरेशन नहीं किया जा रहा है। लाइनों को डालने के बाद गढडों में सिर्फ मिट्टी एवं गिट्टी भरकर छोड़ दी गई हैं। जिससे बारिश के पानी से मिट्टी और गिट्टी बैठ जाए लेकिन सोमवार को बारिश के कारण यह मिट्टी के कारण सड़कें फिसलन भरी हो गईं। जबकि नियम के अनुसार खुदाई के बाद ठेकेदार को गड्ढों को मिट्टी एवं मुरम की परतें बनाकर उन्हें भरा जाना था। इस दौरान लगातार पानी का छिड़काव भी होना था जिससे मिट्टी व गिट्टी अच्छे से सेट हो जाए।
राजपायगा रोड की हालत खराब
राजपायगा रोड़ पर काफी पहले से पानी की लाइन डाली जा रही है। पहले यह लाइन माधव डिस्पेंसरी के सामने लाकर छोड़ दी गई। इसके कारण यहां से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब एक माह पूर्व अधिकारियाें ने आगे की खुदाई प्रांरभ कर दी और पानी की लाइन के पाइपों को मिट्टी में दबाकर छोड़ दिया गया । लेकिन अभी तक सड़क का रेस्टोरेशन नहीं किया गया। इसके कारण यहां से प्रतिदिन निकलने वाले हजारों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार और शनिवार को हुई बारिश के कारण यहां से गुजरने वाले कई वाहन चालक बुरी तरह से घायल हुए हैं। क्योंकि गिट्टी और मिट्टी दोनों ही बुरी तरह से फिसलन भरी हो चुकी हैं। ऐसे में वाहन चालकों के वाहन फिसलकर गिर रहे हैं।
