हिमांशु सक्सेना, ग्वालियर (मप्र), NIT:

ग्वालियर जीआरपी ने ट्रेनों में लूट की वारदातों को अंजाम देने वाली एक इंटर स्टेट गैंग को दबोचा है। यह गैंग गाजियाबाद से ग्वालियर के बीच ट्रेनों में लूट की वारदातें करती थी। इस गैंग के सभी सदस्य उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों के रहने वाले हैं और दो से तीन वारदातें करने के बाद ये अपने शहरों को लौट जाते थे। कुछ दिन बाद फिर इकट्ठे होकर वारदातों को अंजाम देने लगते थे। इस गैंग ने दो दिन पहले ट्रेन में एक मोबाइल लूटा था। जैसे ही उन्होंने मोबाइल ऑन किया, वैसे ही लोकेशन के आधार पर जीआरपी ने दो लुटेरों को दबोच लिया। इनका एक साथी भागने में कामयाब रहा। इस गैंग से दो दिन पहले चेन और मोबाइल लूट की वारदात का खुलासा हुआ है। जीआरपी इनसे पूछताछ कर रही है।
कुछ समय में झांसी से दिल्ली जाने वाली कुछ ट्रेनों में मोबाइल और चेन लूट की घटनाएं ज्यादा होने पर एडिशनल एसपी प्रतिमा मैथ्यू ने जीआरपी ग्वालियर को अपना मुखबिर तंत्र मजबूत करने के लिए कहा था। इसी बीच दो दिन पहले ट्रेन में एक महिला से चेन और मोबाइल लूटकर बदमाश भागे थे। इसी मामले में पुलिस को लूटे गए मोबाइल से अहम सुराग मिला। इसके बाद पता लगा कि ट्रेनों में वारदात को पश्चिमी यूपी के शामली व गाजियाबाद की गैंग द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने ट्रेनों में लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग को पकड़ा है। गैंग के दो सदस्य पुलिस के हाथ आए हैं। हालांकि इनको पकड़कर पुलिस उत्तर प्रदेश से ही लाई है, लेकिन बताया गया है कि यह ग्वालियर स्टेशन पर किसी वारदात को अंजाम देने आए थे और पकड़े गए।
हत्या तक कर चुके हैं गैंग के मेंबर
जीआरपी ग्वालियर की गिरफ्त में आया 48 वर्षीय एक बदमाश खेमसिंह पुत्र पदमसिंह निवासी शामली उत्तरप्रदेश है। यह गिरोह का सबसे तेज तर्रार और खतरनाक सदस्य है। इस पर दो हत्या व एक हत्या के प्रयास का मामले के अलावा आधा दर्जन लूट के मामले भी गाजियाबाद व यूपी के कई शहरों में दर्ज हैं। इसके साथ पकड़ा गया 25 वर्षीय कालू उर्फ कोल पुत्र शिवलाल निवासी गाजियाबाद पर भी लूट और और फायरिंग के कई मामले दर्ज हैं। इनका फरार साथी मोहन सिंह भी गैंग का मुख्य गुर्गा बताया जा रहा है। अभी वो गिरफ्त से दूर है। जीआरपी ने दोनों को गिरफ्तार कर दो दिन पहले दक्षिण एक्सप्रेस से महिला यात्री से लूटी गई चेन के साथ मोबाइल भी बरामद किए है। इनसे अन्य वारदातों का खुलासा करने पूछताछ की जा रही है।
वारदातों को ऐसे देते थे अंजाम
ये बदमाश ट्रेनों में ऐसे लोगों को टारगेट करते थे, जो गेट पर या आसपास खड़े होकर मोबाइल से बात कर रहे हैं। यदि कोई महिला खिड़की के पास सीट पर बैठी है, तो ये झपट्टा मारकर मोबाइल और चेन लूट लेते थे। इसके बाद ट्रेन की उल्टी दिशा में भागते थे, ताकि कोई इनका पीछा न कर सके।
