मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

अपने पति द्वारा मायके वालों से मोबाइल पर बात नहीं करने देने तथा शराब पीकर मारपीट करने से क्षुब्ध पत्नी द्वारा परामर्श केंद्र में गुहार लगाई गई जहां बुलाकर पति व पत्नी को समझाइश देने के साथ ही उनकी आपस में बात करवाई गईं जिसके बाद पति यह वचन देकर की आइंदा पत्नी के साथ सद्भावपूर्वक रहेगा पत्नी को साथ ले गया। अन्य प्रकरण में आर्थिक कारणों से व सामान्य घरेलू वादविवाद के कारण घर छोड़कर चली गई पत्नी को समझाने के लिए परामर्श केंद्र आने पर पत्नी को बुलाकर समझाइश दी गई तथा आमने सामने बिठाकर बात की गई जिसपर पति के द्वारा भूल स्वीकार करने के बाद पत्नी पति के साथ जाने के लिए राजी हो गई इसके साथ ही और भी दो प्रकरणों में समझौते करवाने में परामर्श केंद्र सफल हो पाया जबकि दो प्रकरणों में पक्षकारों के बीच समझौते की संभावना प्रतीत न होने पर न्यायालय की शरण लेने की सलाह के साथ प्रकरण नस्ती बद्ध किए गए तथा एक अन्य प्रकरण में पति को समझाइश के लिए बार बार बुलाने पर नहीं आने के कारण पत्नी के निवेदन पर प्रकरण समाप्त कर दिया गया.
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस एस के सिंह के मार्गदर्शन में परामर्श दाता अधिवक्ता प्रदीप कुमार शर्मा द्वारा पेश किए गए तेरह प्रकरणों की सुनवाई करते हुए शेष छह प्रकरणों में समझौते की संभावना पाते हुए पक्षकारों को विचार विमर्श का समय प्रदान किया गया.
