केरोसिन वितरण में अनियमितता के आरोप, फूड एंड ड्रग विभाग से जांच की मांग | New India Times

नरेन्द्र कुमार इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

केरोसिन वितरण में अनियमितता के आरोप, फूड एंड ड्रग विभाग से जांच की मांग | New India Times

पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की संभावित किल्लत के बीच केरोसिन वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आए इन आरोपों में दावा किया गया है कि आवश्यक आपूर्ति और वास्तविक वितरण में बड़ा अंतर है।
जानकारी के अनुसार, राशन कार्ड धारकों को सरकार की योजना के तहत प्रति कार्ड तीन लीटर केरोसिन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। जलगांव जिले के 15 ब्लॉकों के लिए प्रति माह लगभग 150 टैंकर केरोसिन की आवश्यकता बताई जा रही है, जबकि उपलब्धता केवल करीब 15 टैंकर तक सीमित रहने का दावा किया गया है।

केरोसिन वितरण में अनियमितता के आरोप, फूड एंड ड्रग विभाग से जांच की मांग | New India Times

लाइसेंसधारकों के अनुसार, एक ब्लॉक में लगभग 50 हजार कार्डधारक हैं, जिनकी जरूरत के हिसाब से पर्याप्त मात्रा में केरोसिन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इस असंतुलन के चलते वितरण व्यवस्था प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
इधर, कुछ सूत्रों के हवाले से यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि आपूर्ति किए गए केरोसिन के दुरुपयोग और मिलावट की आशंका जताई जा रही है, जिसमें इसे ट्रकों के ईंधन के रूप में अवैध रूप से इस्तेमाल किए जाने के आरोप शामिल हैं।
स्थानीय स्तर पर इस पूरे मामले की फूड एंड ड्रग विभाग से विस्तृत जांच की मांग तेज़ हो गई है। प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया इस विषय पर अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।

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