अतीश दीपंकर/श्यामानंद सिंह, बांका/पटना (बिहार), NIT:

बिहार के भागलपुर प्रमंडल के बांका जिला के नवटोलिया के इस्लामपुर मस्जिद परिसर के मदरसा में कल हुए भीषण विस्फोट को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।हालांकि पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से हर बात को अभी मीडिया को शेयर नहीं कर रही है। पुलिस अनुसंधान में लगी हुई है।
आपको बताते चलें कि, कल मंगलवार की सुबह मस्जिद परिसर में यह धमाका लगभग 8:00 बजे सुबह हुआ था। यह धमाका इतना जोरदार था कि मदरसा का इमारत ध्वस्त होकर गिर गया। इस घटना से मलबे में दबकर मस्जिद के इमाम मौलाना अब्दुल मोमिन अंसारी जो लगभग 55 वर्ष की उम्र के थें, उनकी मौत हो गई। वह सारठ झारखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार धमाके के बाद इमाम के शव को लोगों ने गायब कर दिया था और कल शाम को उनके शव को गांव में लाकर छोड़ दिया जिसे पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मदरसे में कई बम फटने की आशंका भी जताई जा रही है। साथ ही इसमें 6 लोगों के जख्मी होने की भी सूचना सामने आ रही है।
विस्फोट होने की सूचना मिलते ही वहां के एसपी अरविंद कुमार गुप्ता मामले की जांच करने घटनास्थल पर पहुंचे साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी लगा दिया।
एसपी से बात करने पर उन्होंने मीडिया को बताया कि, एफएसएल टीम द्वारा जांच के बाद ही विस्फोट के कारणों का पता चल पाएगा।

घटनास्थल पर एसपी के अलावे एएसपी अयोध्या सिंह, एसडीपीओ दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, थाना अध्यक्ष शंभू यादव समेत अन्य लोग मौजूद थे।
घटना होने के बाद पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था साथ ही मस्जिद कमेटी के सदस्य सहित गांव के अधिकतर ग्रामीण गायब मिले। पुलिस के सामने कोई भी आना नहीं चाह रहे थे। सभी ग्रामीण कुछ भी कहने से कतरा रहे थे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया लेकिन कहा जा रहा है कि कुछ भी पुलिस के हाथ नहीं लगा। बताते चलें कि मदरसा करीब 2 माह से बंद था। दिनभर इस घटना की जांच पुलिस करती रही लेकिन ठोस नतीजे पर अभी तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है।
वर्ष 2010 से मस्जिद में रहते थें मौलाना अब्दुल मोमिन
बांका के एसपी अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि मस्जिद में विस्फोट मामले को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर जांच चल रही है । उन्होंने कहा कि मामले में जिस कीसी की भी संलिप्तता होगी उस पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
वहीं फॉरेंसिक टीम के पदाधिकारी सर्वोत्तम कुमार का कहना है कि, प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि यहां कोई बम धमाका ही हुआ है। हालांकि बम की क्षमता कितनी थी अभी इस पर जांच चल रही है।
सूत्रों की माने तो मदरसा के ध्वस्त मलवे से फॉरेंसिक टीम को खून के कुछ छींटे के मिलने की भी बात सामने आ रही है लेकिन इसकी पुष्टि सरकारी स्तर पर नहीं की गई है
अब सवाल यह उठता है कि इस तरह के भीषण विस्फोट के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई लेकिन आखिर ग्रामीण अपनी मुंह क्यों बंद रखे हैं? आखिर इसके क्या कारण हो सकते हैं?
विस्फोट में बहुत कुछ गुत्थी छुपी हो सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस कब तक और जांच में क्या पाती है.
