प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्य हेतु जिला पंचायत अध्यक्ष के फर्जी मोहर से किया गया अनुमोदन, जि.प. अध्यक्ष ने कहा कि इसमें अरबों रुपए के गबन होने की है संभावना

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अतीश दीपंकर, भागलपुर/पटना (बिहार), NIT:

जिले में रुपयों का आरोप -प्रत्यारोप लगना पुराना मामला है, आये दिन शहर में इस तरह के मामले उजागर होते रहते हैं। इसी क्रम में एक नया मामला सामने आया है जो कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़ा हुआ है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले के सभी प्रखंड के गांवों में सड़क निर्माण का कार्य किया जाना है। जिसके तहत जिला परिषद को मानिटरिंग करने का आदेश दिया गया है। गांवों के प्रमुख के द्वारा सड़क की मांग किये जाने पर वहां से डिपीआर तैयार कर के भेजा जाता है। तब जिला परिषद अध्यक्ष, डायेरेक्टर और डीडीसी द्वारा बैठक कर इसपर अनुमोदन किया जाता है लेकिन जिला परिषद अध्यक्ष के बिना ही उनके फर्जी मोहर से गोराडीह प्रखंड, जगदीशपुर प्रखंड के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को पास कर दिया गया है। जिसके बाद जिला परिषद अध्यक्ष का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

कल सोमवार को जिला परिषद अध्यक्ष टूनटून साह ने प्रेस को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि बिना मेरे सूचना के ये कैसे हो सकता है। हम मानते हैं कि लाॅक डाउन लगा था तो वर्चुअल मीटिंग कर जानकारी दी जा सकती थी लेकिन यहां तो बिना मेरे जानकारी के ही ये कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि मेरा फर्जी मोहर लगाया गया है।
आगे उन्होंने बताया कि मुझे इसकी सूचना 29 म‌ई को मिली थी। उसके अगले दिन रविवार था तो आज मैंने प्रेस को‌ बुलाया है। उन्होंने कहा बिना मेरी अनुमति के ये कैसे हो गया? उन्होंने कहा कि पूरे मामले में डायरेक्टर और डीडीसी को दोषी मानता हूं। उन्होंने कहा कि मैं इसे लेकर जिला अधिकारी और कमीश्नर के पास जाउंगा। यह अरबों रुपयों के गड़बड़ी का मामला हो सकता है।

क्या कहते हैं डीडीसी

जब डीडीसी सुनिल कुमार से इस मामले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमको इस विषय पर कुछ मालूम नहीं है, आप उन्हीं से पूछ लिजिए।

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