इदरीस मंसूरी, ब्यूरो चीफ, गुना (मप्र), NIT:

कुंभराज तहसील के ग्राम मृगवास विद्युत वितरण केंद्र मृगवास के अंतर्गत पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो मामले में विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध वसूली और अनियमितताओं में लिप्त पाए गए दो कर्मचारियों राकेश मीना और हरभजन लोधा को पद से हटा दिया गया है। साथ ही इस मामले में पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
इस घटना से विभाग की छवि धूमिल हुई है और क्षेत्र में अवैध वसूली के नए-नए मामले सामने आने लगे हैं। कहीं उपभोक्ताओं से अवैध रूप से डीटीआर लगाकर पैसे वसूले गए तो कहीं चालान काटने को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, जिससे आम जनता में विभाग के प्रति नकारात्मक संदेश गया है।
हटाए गए कर्मचारियों ने भी वितरण केंद्र में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों पर पैसे लेकर बांसाहेड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध डीटीआर लगाकर वसूली करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए नए खुलासे करने की बात कही है।
जांच में खुली पोल:
अवैध वसूली का मामला तब सामने आया जब सानई क्षेत्र में कार्यरत राकेश मीना द्वारा विभाग में चल रही अवैध वसूली का ऑडियो वायरल किया गया। मामले की शिकायत कनिष्ठ यंत्री इंद्रपाल सिंह कनोजिया तक पहुंची।
कनिष्ठ यंत्री ने मामले पर संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कराई, जिसमें ग्राम बंजारीकला, प्रेमपुरा सहित अन्य स्थानों पर ग्रामीणों से अवैध रूप से पैसे लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए राकेश मीना के विरुद्ध थाना मृगवास में धारा 150 के तहत शिकायत दर्ज कराई।
इसी प्रकार, सिंघनपुर और कुंजाखेड़ा फीडर पर तैनात हरभजन लोधा द्वारा बकाया राशि के कारण काटे गए डीटीआर को अवैध तरीके से जुड़वाकर चलवाने और अवैध वसूली की जांच चल रही है, जिसके बाद उसे भी पद से हटा दिया गया।
हटाए गए कर्मचारी का दर्द:
वायरल ऑडियो के बाद हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारी हरभजन लोधा ने जनप्रतिनिधियों को दिए आवेदन में कहा कि उसने कोई वसूली नहीं की और उसके द्वारा अवैध वसूली संबंधी कोई ऑडियो वायरल नहीं हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें गलत तरीके से हटाया गया है और भेदभावपूर्ण कार्रवाई कर दोषियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह मानसिक रूप से परेशान हैं और नौकरी जाने से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है, क्योंकि वह छह बेटियों और एक बेटे के पिता हैं और उनके पास कोई अन्य रोजगार का साधन नहीं है।
लाखों की अवैध वसूली के आरोप, जांच जारी:
क्षेत्र में किसानों से अवैध वसूली करने के आरोप वितरण केंद्र के कर्मचारी विक्रम मेहरा पर भी लगाए गए हैं। आरोप है कि उन्होंने सिंगनपुर और अन्य गांवों के संतोष मीणा, विक्की मीणा, दीपक शर्मा, सागर सिंह मीणा, कमलेश सुमन, सुमित शर्मा सहित अन्य कर्मचारियों को फंसाने की साजिश रची।
पूर्व में भी विक्रम मेहरा पर नशे की हालत में कार्यालय में अभद्र व्यवहार और सहकर्मियों को धमकाने के आरोप लग चुके हैं। झूठे आरोप लगाने और धमकाने के विरुद्ध समस्त स्टाफ ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
कनिष्ठ यंत्री इंद्रपाल सिंह कनोजिया ने स्पष्ट किया कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी कर्मचारी उपभोक्ताओं को परेशान करेगा या अवैध वसूली में संलिप्त होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विक्रम मेहरा के मामले में जांच टीम गठित कर दी गई है और जांच जारी है।
