राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देवरी अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी अमन मिश्रा एवं क्षेत्रीय विधायक को सौंपा। जिसमें अधिवक्ता संघ के सदस्यों द्वारा मांग की गई है कि 22 मार्च से न्यायलीन कार्य बुरी तरह से प्रभावित है जिसमें अधिवक्ताओं को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है, विशेषतः तहसील में कार्य करने वाले अभिभाषकों को विशेष आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है क्योंकि तहसील न्यायालयों में सीमित न्यायालय एवं कार्य होते हैं विपरीत इसके बड़े शहरों में न्यायालयों का बाहुल्य होने से अपेक्षाकृत वहां के अधिवक्ता किसी ना किसी रूप से अर्थोपार्जन कर लेते हैं। परंतु तहसील स्तर पर कार्य करने वाले अभिभाषक को उक्त सुविधा उपलब्ध ना होने से उन्हें दयनीय आर्थिक स्थिति से गुजर बसर करना पड़ता है इसलिए उन्हें शासन से आर्थिक सहायता प्रदान किया जाना अति आवश्यक हो गया है। देवरी अधिवक्ता संघ में कार्यरत करीब 70 अभिभाषक इस समय अत्यधिक आर्थिक संकट में हैं इसलिए उन्हें शासन से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराया जाना नितांत आवश्यक है। जिसमें उन्होंने मांग की है कि अधिवक्ता संघ देवरी में कार्यरत करीब 70 अभिभाषकों को शासन से 50 हजार प्रति अभिभाषक के हिसाब से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कैलाश पटेल, उपाध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव, सचिव वीरेंद्र गुप्ता, सह सचिव हरपाल जाटव, कोषाध्यक्ष ब्रजभूषण पस्टारिया, ग्रंथपाल कपिल सोनी, दिलीप ब्रिजपुरिया, उमेश पलिया, मनोज शांडिल्य, रासबिहारी देवलिया सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।
