गुलशन परूथी, दतिया/भोपाल (मप्र), NIT:

प्रतिभा कभी भी परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती है चाहे आर्थिक संकट हो, चाहे कच्चे मकान या खपरैल के घर हों, प्रतिभा को कभी भी प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है। प्रतिभाएँ तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद निखर कर सामने आती हैं। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने यह बात होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा आपातकालीन मोचन बल के 74वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कही। वे स्थापना दिवस पर आयोजित परेड की सलामी लेने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। परेड में एसडीआरएफ के रेस्क्यू वाहन ने रेस्क्यू उपकरणों के साथ प्रदर्शन किया। समारोह में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी, पुलिस महानिदेशक होमगार्ड श्री अशोक दोहारे भी मौजूद थे।
गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि होमगार्डस के जवानों ने विपदा में हमेशा अपने प्राणों की बाजी लगाकर दूसरों के प्राणों की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि होमगार्ड जवान पद में छोटे हो सकते हैं, लेकिन उनके कार्य उत्कृष्ट हैं। कठित परिस्थितियों के बाद भी उनका निरंतर कार्य करते रहना उनकी जीवटता और कर्मठता को प्रदर्शित करता है। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई की कविता को याद करते हुए कहा कि ‘छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।” डॉ. मिश्रा ने कहा कि जवानों का बाढ़ एवं आपदा ही नहीं, उन्हें सौंपे गये सभी कार्यों में किया गया कार्य व्यवहार वन्दनीय और अनुकरणीय है। प्रदेश की सरकार होमगार्ड के जवानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करती रही है और आगे भी करती रहेगी। डॉ. मिश्रा ने विश्वास दिलाया कि वे अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी के साथ मिलकर होमगार्ड के जवानों के कल्याण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।
