अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

जाने माने मीडिया पर्सनालिटी विनोद दुआ के खिलाफ़ भाजपा प्रवक्ता के द्वारा की गई शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने के मामले की ख़बर अभी दबी भी नहीं थी कि राजस्थान के पाली जिले के पत्रकार पर पुलिस द्वारा रंजिश के तहत झूठा मुकदमा दर्ज करने की ख़बर सामने आ रही है।
प्राप्त जानकारी अनुसार राजस्थान के पाली जिले के पत्रकार श्री वीरेन्द्र राजपुरोहित (9024985089) को एक श्रमिक नेता श्री रामनाथ सिंह की हत्या में शामिल पुलिस कर्मियों की खबर चलाने से नाराज़ पुलिस ने षड्यंत्र के तहत झूठे मुक़दमे में फंसा दिया है।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति भारत के राष्ट्रीय महासचिव सैयद ख़ालिद कैस ने देश भर में पत्रकारों पर हो रहे हमलो, पुलिस प्रताड़नाओं एवं झूठे मुकदमे बाज़ी पर चिंता व्यक्त करते हुऐ वर्तमान काल को पत्रकारिता का आपातकाल निरूपित किया। जिस प्रकार पत्रकारों की आवाज़ को दबाने का कुचक्र संपूर्ण भारत वर्ष में चल रहा है वह निंदनीय होकर चिंता का विषय है। स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की अलख जगाने वाले पत्रकारों को जिस प्रकार शिकार बनाया जा रहा है वह इस बात का प्रमाण है कि भारत वर्ष में केवल चाटुकार, बिकाऊ और सत्ता का संरक्षण प्राप्त मीडिया कार्पोरेट घराने और उनके संरक्षण में दलाली करने वाले कुबेर पुत्र ही पत्रकारिता कर पा रहे हैं, सत्य और वास्तविकता को उजागर कर जनमानस को न्याय और सुरक्षा दिलवाने वाले पत्रकारों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। सबसे दुर्भाग्य की बात यह है कि अब न्यायापालिका की निष्पक्षता भी प्रासंगिक हो गई है।
