अरशद आब्दी/इरशाद आब्दी, झांसी (यूपी), NIT:

झांसी जिला के तहसील टहरौली के अंतर्गत आने वाले ग्राम बघोरा में कोरोना महामारी के समय में भी सफाई कर्मी अपनी लापरवाही से बाज नहीं आ रहा है। यहां सफाई के अभाव में नाली का गंदा पानी रास्तों पर बह रहा है फिर सफाई कर्मी साफ सफाई करने के बजाए उल्टा गांव वालों पर अपनी ऊंची पहुंच का धौंस जमा रहा है।

गांव वालों ने बताया कि सफाई कर्मी राकेश अहिरवार गांव में अपनी मर्ज़ी से आता है और खानापूर्ति कर वापस चला जाता है। अगर गांव वासी उससे सफाई के लिए कहते हैं तो जवाब मिलता है कि जाओ किसी से भी मेरी शिकायत कर दो मैं किसी भी अधिकारी से नहीं डरता। जबकि इस समय पूरे देश में कॅरोना की महामारी फैली हुई है और वर्तमान सरकार बराबर जनता को संदेश दे रही है कि साफ सफाई और जागरूकता ही इससे बचाव का विकल्प है। लोगों ने बताया कि नालियां गंदगी व कचरे से अटी हुई हैं और गंदा पानी रास्तों पर बह रहा है जिसको बदबू से लोगों को दिक्कत आ रही है और बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है। कुछ गंदगी के कारण बीमार भी हो चुके हैं।

समाजसेवी पुष्पेंद्र पटेल ने एनआईटी को बताया कि गांव के लोगों ने कई बार सफाई कर्मचारी नरेश अहिरवार से सफाई के लिए निवेदन कर चुके हैं लेकिन फिर भी सफ़ाई कर्मचारि नरेश के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, वह हर किसी से लड़ने को तैयार हो जाता है। शायद नरेश को को योगी सरकार के निर्देशों की भी कोई परवाह नहीं है। उसका कहना है कि कोई भी सरकार मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। अब सवाल यह है कि कोरोना जैसी महामारी के समय भी अगर सफाई कमर्चारी जनता के साथ ऐसा व्यहवार कर रह है तो वह बाकी दिनों में क्या करता होगा? यदि गंदगी के कारण गांव में कोई महामारी फैलती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा???
