भैरु सिंह राजपुरोहित, बीकानेर (राजस्थान), NIT;
राजस्थान में आबकारी विभाग द्वारा कृषि भूमि एवं आवासीय परिसरों में शराब की दुकानों को खोलने की इजाजत जारी करने का संपूर्ण शराब बंदी आन्दोलन जस्टिस फॉर छाबड़ा जी की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम अंकुर छाबड़ा, प्रदेश प्रवक्ता भेरो सिंह सरवड़ी ने विरोध किया और इसके लिए जल्द ही सरकार से बातचीत करने का इरादा दिया।
कास्त भूमी और आवासीय परिसर में शराब दुकानों के खोलने की स्वीकृति जारी करना ग़लत है। कहा कि यह आबकारी नीति के साथ प्रदेश की व्यपारिक नीति की भी अवेहलना है। शराब दुकान व्यपारिक रूप से कन्वर्ट भूमि पर ही खोली जानी चाहिए।
इस तरह की स्वीकृति से यह हाइवे के आस पास और गांवों में दुकानें संचालित की जा रही हैं जो गलत हैं, जिन पर आस पास अवैध तरीक़े से प्रचार कर अवैध बिक्री को बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है। इस बाबत बीकानेर जिला आबकारी अधिकारी को भैरू सिंह, लाल सिंह, यशपाल पड़िहार, हसन रजा और विक्रम सिंह ने एक ज्ञपन भी देकर इस तरह अवैध और नियमों को ताक पर रखकर स्वीकृति जारी करने वाले अधिकारियो के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने का आग्रह किया और कहा कि अगर उचित कार्यवाही नहीं हुई तो संगठन आन्दोलन करेगा।
गौरतलब है कि गत दिनों प्रदेश में खोली गई कई शराब की दुकान को लेकर हुए विरोध के बाद आबकारी विभाग ने उन दुकानों को तो बंद करने के आदेश दे दिए लेकिन वहीं अब भी कई शराब दुकाने कृषि भूमी और आवासीय परिसरों में संचालित हो रही हैं। पूनम अंकुर छाबड़ा ने प्रदेश में संचालित आबकारी द्वारा स्वीकृत शराब की दुकानों की लोकेशनों की जांच की मांग की है साथ ही उन्होंने कहा है कि आबकारी विभाग द्वारा आवंटित शराब की दुकानों के संचालन के लिए यूआईटी, नगर निगम या पंचायत से कन्वर्ट व्यावसायिक भूमि ही होनी चाहिए।
