शारिफ अंसारी, मुंबई, NIT;
भिवंडी – चिंचोटी महामार्ग की दुर्दशा के कारण सडक दुर्घटनाओं और वाहन चालकों को रही परेशानियों को देखते हुए, रास्ता दुरुस्ती हेतु अनेकों बार ज्ञापन देकर रोड दुरुस्ती की मांग की गई है परंतु ठेकेदार व कंपनी निष्क्रियता का परिचय देते हुए आंख मचोली खेल रहे हैं। कंपनी व ठेकेदार की निष्क्रियता के चलते श्रमजीवी संघटना के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महासचिव बालाराम भोईर के मार्गदर्शशन में सोमवार दिनांक 17 अप्रैल को मालोडी टोल नका पर विरोध मोर्चा निकाल कर वसई – भिवंडी टोलवेज प्रा.लि.नामक ठेकेदार कंपनी के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन करते हुए टोल नाका बंद करने की मांग की। भिवंडी – चिंचोटी रास्ते की दुरुस्ती व देखभाल का ठेका वसई भिवंडी टोलवेज कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी के पास मालोडी स्थित निर्माण किए गए टोल नाका द्वारा लाखों रुपये की टोल वसुली की जा रही है, परंतु रास्ते पर असंख्य बड़े बड़े खड्डे होने बावजूद कंपनी इसे नहीं भर रही है जिस कारण दुर्घटनाओं में दिनोदिन बढोतरी हो रही है। आम लोगों, छात्रों, मरीजों को इस रोड से सफर करने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। श्रमजीवी संघटना ने इससे पूर्व वर्ष 2016 में भी आंदोलन किया था। उस समय ठेकेदार कंपनी ने एक महीने के भीतर रास्ता दुरुस्ती करने का आश्वासन दििया था, परंतु वर्ष पूरा भी हो गया फिर भी रास्ता दुरुस्ती का नहीं किया जा रहा है। जिस कारण श्रमजीवी संघटना के महासचिव बालाराम भोईर के मार्गदर्शन में श्रमजीवी ने मालोडी टोल नाका पर मोर्चा निकालकर टोल नाका बंद करने की मांग की है। उक्त अवसर पर आक्रोशित आंदोलनकारियों के वसई – भिवंडी टोलवेज प्रा.लि. कंपनी के व्यवस्थापक कुलदीप सिंह ने बरसात के पूर्व संपूर्ण रास्ते को दुरुस्त करने के लिए लिखित आश्वासन दिया है जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। इस आंदोलन में श्रमजीवी संघटना के जिला अध्यक्ष दत्तू कोलेकर ,कविता भगत ,भरत वतारी ,महिला जिला ठिणगी संघटना की अध्यक्षा संगीता भोमटे ,सचिव मोतीराम नामकुडा, अध्यक्षा सुनिता भावर ,आत्माराम ठाकरे ,गणेश उंबरसाडा, भानुदास जाधव ,संजय तांगडी ,जगदीश पाटिल ,हरिचंद्र पाटिल ,हितेंद्र पाटिल आदि सहित श्रमजीवी संघटना के कार्यकर्ता भारी संख्या में सहभागी थे।
