घर में घुसकर एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ करने युवक को न्यायालय ने सुनाई तीन वर्ष कारावास की सजा व लगाया दो हजार रुपये अर्थदण्ड | New India Times

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

घर में घुसकर एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ करने युवक को न्यायालय ने सुनाई तीन वर्ष कारावास की सजा व लगाया दो हजार रुपये अर्थदण्ड | New India Times

घर में घुसकर नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ के मामले में माननीय विशेष न्‍यायाधीश पॉक्‍सो एक्‍ट श्री के.एस. बारिया ने आरोपी कालु पिता काशीराम, उम्र 24 वर्ष, निवासी इंदिरानगर, ग्राम सिवल, नेपानगर, जिला बुरहानपुर को भादवि की 452 एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में 3 वर्ष कारावास एवं 2000 रू के अर्थदण्‍ड से दंडित किया है ।  
 
प्रकरण की विस्‍तारपूर्वक जानकारी देते हुये विशेष लोक अभियोजक/अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी श्री रामलाल रन्‍धावे ने बताया कि दिनांक 21.05.2018 को शाम करीब 4.00 बजे पीड़िता अपने काका के घर पर खटिया पर सोई हुई थी और पीड़िता की मां एवं काकी नदी पर कपड़े धोने गई थीं कि तभी सामने का रहने वाला आरोपी कालु पिता काशीराम घर के अंदर घुस आया एवं पीड़िता की खटिया पर आ कर बैठ गया एवं पीड़िता के साथ बुरी नियत के साथ छेड़छाड़ करने लगा जिस पर पीड़िता जोर- जोर से चिल्‍लाई तो आरोपी कालु भाग गया। पीड़िता की मां एवं काकी के आने के बाद उक्‍त घटना बतायी एवं उसके पिता के आने पर उसे भी घटना बताई। उसके बाद थाने पर रिपोर्ट लिखवाने गये। पीड़िता की उक्‍त रिपोर्ट पर थाना नेपानगर पर अपराध क्रमांक 149/2018 धारा 452, 354 भा.द.वि. एवं 7/8 लैगिक अपराधो से बालकों का सरक्षण अधिनियम 2012 का पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर  अभियोग पत्र न्‍यायालय में पेश किया गया एवं विचारण के दौरान न्‍यायालय में आरोपी पर विरचित आरोप प्रमाणित होने पर न्‍यायालय ने आरोपी कालु को दोषसिद्ध पाया। धारा 452 एवं 354 भादवि के अपराध से गुरूतर अपराध अन्‍तर्गत धारा 7,8 लैगिक अपराधो से बालकों का सरक्षण अधिनियम 2012 के अन्‍तर्गत दंडित किया गया है।  
प्रकरण में सफलतापूर्वक पैरवी विशेष लोक अभियोजक/अति. जिला अभियोजन अधिकारी श्री रामलाल रन्‍धावे द्वारा की गई। माननीय न्यायालय द्वारा विचारण पश्चात आरोपी  कालु को धारा 452 भादवि में 3 वर्ष कारावास एवं 1000 रू अर्थदण्‍ड 7/8 लैगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 मे 3 वर्ष कारावास एवं 1000 रू अर्थदण्‍ड से किया।

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