अशफाक कायमखानी, जयपुर (राजस्थान), NIT;
शेखावाटी जनपद का मुस्लिम समुदाय सामान्यता आग बरसाती धूप व बर्फ जमाती सर्दी में भी खेती व भवन निर्माण के कार्यो मे कड़ी मेहनत करके भी अपने बच्चों के लिये दो जून की रोटी का इंतेज़ाम करने की हर मुमकीन कोशिशे करता रहा है। इस कड़ी मेहनत से मिलने वाले मामूली पैसों में से भी कुछ पैसा बचाकर अपने बच्चों की तालिम पर खर्च करने का स्वभाव भी जनपद के बाशिंदों का हमेशा से ही रहा है।
शेखावाटी जनपद के मुस्लिम समुदाय में वैसे तो सरकारी सेवा पाने की तमन्ना हमेशा से रहती आई है लेकिन इसके साथ साथ हर तरह के व्यापार करने में भी समुदाय का एक तबका कमोबेश हरदम कोशिश करते नजर अक्सर आते रहे हैं।
पिछले दस-पद्रह साल से शेखावाटी जनपद में भी भारत के अन्य हिस्सों की तरह घर-गुवाड़ व गली-मोहल्ले में शादी करने के बजाये सभी सुविधाओं युक्त विवाह स्थलों में शादी व अन्य छोटे-बडे पारिवारिक प्रोग्राम करने का चलन परवान चढने से अब विवाह स्थल का कारोबार भी दिन दुना रात चोगुना बढने लगा है। लेकिन अब तक इस कारोबार से जमीन की तंगी व जेहनी सोच ना बन पाने के कारण इस तरफ झुकाव ना होने के चलते मुस्लिम समुदाय इससे कोसों दूर ही था। पर अब पिपराली रोड़ पर रहने वाले आला तालिम याफ्ता व सरकारी सेवा में अधिकांश कार्यरत मरहूम यासीन खां बेहलीम का परीवार अब रोयल धर्म कांटा के पास, पिपराली रोड़ सीकर पर सभी सुविधाओ युक्त मिलन मैरिज गार्डन शुरु करके इस अनछुऐ कारोबार में कदम रख रहा है। जिसकी कामयाबी व बरकत की दुवाऐं सभी लोगों को करनी चाहिये।
