एक बार फिर बढ़ सकती हैं कोचिंग संचालकों की बमुश्किलें, सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने संचालकों के साथ की बैठक | New India Times

संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

एक बार फिर बढ़ सकती हैं कोचिंग संचालकों की बमुश्किलें, सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने संचालकों के साथ की बैठक | New India Times

कोचिंग शिक्षण संचालकों की बैठक में कहा गया है कि कोचिंग संचालक निर्धारित 14 बिंदुओं सहित शासन के दिशानिर्देशों का पालन कर कोचिंग संस्थानों में आने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के समुचित प्रबंध रखें। ऐसा ना करने पर संबंधित कोचिंग संचालक के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। कोचिंग संचालकगणों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक कोचिंग संचालकगण की नैतिक जवाबदारी है कि उनकी कोचिंग में अध्ययन करने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा की सुरक्षा पहली प्राथमिकता हो। मापदंडों के अनुरूप 14 बिंदुओं का सभी कोचिंग संचालक पालन करें और अपना स्वमूल्यांकन प्रतिवेदन 25 जनवरी तक आवश्यक रूप से उपलब्ध करायें।

सभी कोचिंग संस्थानों के संचालाकों को निर्देश दिए कि ऐसे गरीब बच्चे जो कोचिंग का भार नहीं उठा सकते हैं उन बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था करें।

सभी कोचिंग संचालक सीसीटीवी कैमरे इमरजेंसी दरवाजा आदि की व्यवस्था रखें। कोचिंग संस्थान में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं के साथ अध्यापन कराने वाले अध्यापक भी परिचय पत्र लगायें।
प्रत्येक कोचिंग संचालक (बेटी की पेटी) की जानकारी भी छात्राओं को दें जिससे किसी भी प्रकार की परेशानी या समस्या आने पर छात्राएं शिकायत कर सकें। कोचिंग संचालाकों को निर्देश दिए किसी भी प्रकार की परेशानी या कठिनाई आने पर भी सीधे सूचना दे सकतें हैं। कोचिंग संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाएगा।

प्रत्येक कोचिंग संचालक को ट्रेड लाईसेंस लेना होगा। इसके लिए 9 जनवरी 2020 को बाल भवन ग्वालियर में शिविर का आयोजन किया गया है।

कोचिंग संस्थानों को करनी होगी यह व्यवस्था

बैठक में बताया गया कि जिले के अंतर्गत संचालित विभिन्न कोचिंग संस्थानों मे बच्चों की सुरक्षा एवं उनके हित में उक्त व्यवस्थाएं करना आवश्यक होगा। संस्थानों में बिल्डिंग सैफ्टी एवं फायर सैफ्टी की व्यवस्था, आपदा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति एवं संभावित आपदा से निपटने की तैयारी, संस्थान में साफ-सफाई, कोचिंग संस्थानों में इमरजेंसी गेट की व्यवस्था, मुख्य गेट पर बैरियर, संस्थानों में लिफ्ट की स्थिति, छात्रावास में छात्र-छात्रों के आने-जाने का समय निर्धारण, पीने के पानी एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था, वाहनों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था, बच्चों के लिए ट्यूब लाईट, पंखा, कूलर की व्यवस्था, बिजली जाने पर जनरेटर की व्यवस्था और सुरक्षा गार्ड आदि की व्यवस्था करनी होगी।

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