जानलेवा बन रहे हैं डग्गामार वाहन, परमिट से अधिक सवारियां भर रहे हैं चालक, जिम्मेदार बने हुए हैं अंजान | New India Times

वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

जानलेवा बन रहे हैं डग्गामार वाहन, परमिट से अधिक सवारियां भर रहे हैं चालक, जिम्मेदार बने हुए हैं अंजान | New India Times

लखीमपुर खीरी शहर में अनाधिकृत रूप से डग्गामार वाहनों से सवारियां ढोने वाले मैजिक वाहनों की तीव्र रफ्तार पर अंकुश न लग पाने के कारण आए दिन सड़क हादसों में लोगों की मौतों का सबब बन चुकी हैं जबकि जनपद में आये दिन सडक हादसे बढ़ रहे हैं और लोग काल के गाल में समाते जा रहे हैं लेकिन इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।सडक हादसों की बात करें तो सडकों पर आये दिन घटनाएं हो रही हैं।बेलगाम अनियंत्रित गति व परमिट से अतिरिक्त सवारियां भरकर यात्रियों को मौत के मुंह में लेकर चलने वाली मैजिकों पर एआरटीओ महकमा भी कार्रवाई करने में पीछे हैं बताते चलें कि नगर के प्रमुख चौराहों लखीमपुर से ओयल,लखीमपुर से गोला,लखीमपुर से रामापुर होते हुए सिसैया,लखीमपुर से महेवागंज होकर पलिया रोड शारदा नगर रोड सहित विभिन्न मार्गों पर ओवरलोड व अनियंत्रित गति से चलने वाली मैजिको टेम्पो आदि वाहनों पर अंकुश लगता नजर नहीं आ रहा है।इसका प्रमुख कारण है कि एक ओर जहां चालकों की तेज गति से वाहन चलाने और प्रत्येक थाना चोकियों के क्षेत्रों में हल्का इंचार्ज व बीट सिपाहियों द्वारा वाहनों की तीव्र गति की अनदेखी करना है।इस कारण समूचे क्षेत्र मे आंकड़ों पर गौर करें तो लखीमपुर से ओयल मार्ग पर प्रत्तेक माह कई दुर्घटनाएँ होती रहती है।जबकि नौरंगाबाद स्टेण्ड से सिसैया मार्ग लखीमपुर से गोला मार्ग पर लोगों के साथ कई सड़क हादसे चोटें व मौतों के मामले हो चुके र्है।वहीं पीड़ितों के हजारों परिवारों के लोगों को इन दुर्घटनाओं के चलते अपनों से बिछड़ने व उपचार कराने में लाखों रुपयो को खर्च के लिए विवश होना पड़ता है।मैजिक चालकों द्वारा तीव्र रफ्तार में पहले तो स्टैंड के ठेकेदारों में नंबर लगाने की होड़ लगी रहती है, जिससे नंबर पहले लग जाए तथा दिन में कई कई चक्कर लगाकर कमाई की जाए। वहीं इस होड़ में कई बार मैजिक चालकों द्वारा वाहनों को बेतरतीब खड़ा करने से जाम की स्थिति हो जाती है साथ ही सवारियां बैठाने के चलते मैजिक चालक आपस में भिड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में बिना किसी निश्चित स्थान के एकाएक वाहनों के रोक देने से पीछे चल रहे बाइक सवार पुरुष, महिलाएं, स्कूली बच्चे आदि टकरा जाते है, परंतु इस सबसे मैजिक चालकों को कोई फर्क नहीं पड़ता। साथ ही पुलिस ऐसे मामलों में किसी शिकायत के न होने के कारण कार्रवाई करने से भी गुरेज करती है।लगातार बढ़ रहे हादसों पर रोंक लगाने में पुलिस परिवहन और यातायात पुलिस लापरवाही बरत रही है जिसके चलते लोग हादसे का शिकार बन रहे हैं कभी कभी लोग ट्रेफिक नियमों का पालन भी नहीं करते है जिसके चलते वह हादसे का शिकार हो जाते हैं।हादसों का एक और कारण सामने आया है जिसमें गड्ढा युक्त सडकें भी सामिल हैं और अनाधिकृत रूप से सडक पर बने ब्रेकर भी हैं जहां वाहन चालक गड्ढा बचाने के चक्कर में दूसरे वाहन की चपेट में आ जाता है और गिरकर घायल हो जाता है।जब इस हादसों के खिलाफ पत्रकारों की एक टीम एल आर पी चौराहे पर पहूंची तो यहां चौकी से चन्द कदम की दूरी पर एक वाहन यूपी 31 टी 9279 अनाधिकृत रूप से सवारियों को भरती हुई नजर आई वहीं निजी बसें बीच चौराहे पर रोडवेज के आगे लगाकर सवारियां भर रही थीं यह निजी बसें जहां सरकारी राजस्व का नुकसान करती हैं वहीं घटना होने पर लोगों की जान भी खतरे में डालती रहती हैं इन पर कोई भी विभागीय अधिकारी कार्रवाई न करके सरकारी राजस्व की चोरी कराते रहते हैं।

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