मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन (181) नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए बनाई गई है, लेकिन वर्तमान में यह देखने में आ रहा है कि समय पर समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण शिकायतकर्ता सीएम हेल्पलाइन का सहारा लेने को मजबूर हैं।
देखा गया है कि शिकायत दर्ज होने के बाद उसके निराकरण पर ध्यान देने के बजाय संबंधित अधिकारी और कर्मचारी शिकायत को बंद कराने तथा ए और बी ग्रेड प्राप्त करने के प्रयास में लगे रहते हैं। कई मामलों में शिकायतों को जल्दबाजी में बंद करा दिया जाता है, जिसके कारण शिकायतकर्ता को बाद में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जुन्नारदेव सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार की स्थिति देखने को मिल रही है। यदि समय पर शिकायतों का सही निराकरण किया जाए, तो नागरिकों को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता ही न पड़े।
विभागों के अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद जब पीड़ित का काम नहीं होता, तब वह सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करता है। इसके बाद भी कई बार शिकायतकर्ता पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाता है, जो कि उचित नहीं है।
नोट: यह खबर वर्तमान समय में देखी जा रही परिस्थितियों के आधार पर तैयार की गई है।

