गर्मी का रोज़ा: जानें सहरी और इफ्तार में क्या खाएं | New India Times

मकसूद अली, यवतमाल/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

गर्मी का रोज़ा: जानें सहरी और इफ्तार में क्या खाएं | New India Times

रमज़ान का मुक़द्दस महीना शुरू हो गया है। कल तीसरा रोज़ा रखा जायेगा। इस्लाम का नौंवा महीना रमजान बरकत और मगफिरत का महीना है। रमजान के पूरा होने पर ईद 2019 का त्योहार मनाया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के लोग इस पूरे महीने रोजा (व्रत) रखते हैं और भूखे-प्यासे खुदा की इबादत करते हैं।
पिछले कई साल से रमज़ान का महीना शिद्दत की गर्मी में पड़ रहा है। इस बार भी गर्मी में रोज़ा रखा जा रहा है। एक दिन का पूरा रोज़ा लगभग 15 घंटे का होगा। वैसे तो बुजुर्ग, बच्चे और बीमार पर रोज़ा रखने की छूट दी गई है लेकिन जो सेहतमंद हैं वो जरुर रोज़ा रखें। इसके साथ ही सेहरी और इफ्तार में क्या खाएं इसका ख्याल रखना भी जरूरी है।

रमजान के महीने में सहरी और इफ्तार का समय हर रोज कुछ मिनट आगे पीछे होता।

क्या खाएं सेहरी में

रोजा रखने की शुरुआत सुबह सेहरी से की जाती है। सेहरी यानी दिन निकलने से पहले रोजे रखने वाला व्यक्ति अपने इच्छा के अनुसार कुछ खा पीकर दुआ पढ़ता है और उसका रोजा शुरु हो जाता है। गर्मी ज्यादा है ऐसे में जरूरी है कि रोजदार अपनी सेहत का खास ख्याल रखें।
पूरे दिन खाना पीना ना खाने से आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है और ऐसी तपती गर्मी में आप बीमार पड़ सकते हैं, इसलिए हम आपको बता रहे हैं सेहरी में खाने की कुछ ऐसी चीजें जो पूरे दिन आपको कमजोरी महसूस नहीं होने देंगी। गर्मी का रोज़ा: जानें सहरी और इफ्तार में क्या खाएं | New India Times

फल और खजूर खाएं : सेहरी में एक या दो खजूर जरूर खाएं. खजूर में आयरन और कई पोषक तत्व मिले होते हैं जिससे आपको कमजोरी नहीं होती है. आप सेहरी में ताजे फल भी खा सकते हैं इससे आपको पूरे दिन कमजोरी महसूस नहीं होगी।

पानी पिएं: सेहरी के वक्त तीन से चार ग्लास पानी जरूर पीएं। शुरुआत में आपको शायद इस बात का पता नहीं चलता, लेकिन जैसे-जैसे आपके रोज आगे बढ़ते जाते हैं आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है, ऐसे में जरूरी है कि सेहरी के वक्त भी तीन से चार ग्लास पानी पीएं।
दूध-दही: सेहरी में आप चाहें तो एक ग्लास दूध ले सकते हैं या अगर आप दूध नहीं पीते हैं तो दही खा सकते हैं। आप चाहें तो दही में एक दो दाने इलायची के डालकर खा सकते हैं, इससे आपको पूरे दिन प्यास कम लगेगी।
वहीं इफ्तार शाम के समय की जाती है जिसका अर्थ है व्रत खोलना। शाम के समय मुस्लिम रोजेदार लोग एक साथ बैठकर आमतौर पर खजूर और पानी से अपना रोजा खोलते हैं। शाम के समय नमक और चीनी डाले गए एक गिलास नींबू पानी के रोजा खोलें, इससे आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होगी।
खजूर परंपरागत रूप से और स्वास्थ्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये ऊर्जा स्रोत और महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसके साथ ही अंकुरित चना और सलाद खाएं,ज्यादा तेल मसाला न खाएं।

By nit

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