पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, झाबुआ/भोपाल (मप्र), NIT:

झाबुआ जिला के अजीत सिंह राठौर की अनेकों फिल्में रिलीज़ है चुकी हैं और अवार्ड्स भी ले चुकीं हैं। वर्ष 2018 में अजीत की फिल्मों को चार अवार्ड मिले और आज वर्ष 2019 को इस वर्ष उनकी पहली फिल्म चौसर फिरंगी” आज मध्यप्रदेश- छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के पी.वी.आर.मल्टी प्लेक्स (टॉकीज़) में दिखाई जा रही है।अजीत सिंह ने इस फिल्म का साऊंड और कम्पोस्ट बेकग्राउंड स्कोर किया। इस फिल्म की शूटिंग, एडिटिंग, गाने हर सीन संपूर्ण कार्य जबलपुर में ही पूरा किया।दिनांक 5 अप्रैल को “फिल्म चौसर फिरंगी” का मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के 71 मल्टीप्लेक्स सिनेमा में शो है जिसमें म.प्र. में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, सतनि, सागर, सीधी, कटनी, रीव, होशंगाबाद, रतलाम, धार, उज्जैन, देवास, हरदा, पन्ना, छतरपुर, खुई आदि तथा छत्तीसगढ़ में बिलासपुर, रायपुर, भिलाई, दुर्ग आदि स्थानों के सिनेमा में शो दिखाया जायेगा।
ज्ञात हो कि वर्ष 2018 में अजीत की टीम द्वारा बनाई गई फिल्मों सर्वप्रथम वेब फिल्म फेस्टिवल में एवार्ड प्राप्त किया इसके बाद निरंतर तीन फिल्मों को एवार्ड्स मिले जिसमें गुजराती फिल्म “बे यार” को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रोहाणी ने एवार्ड दिया, फिल्म अश्वत्थामा को बुसान फिल्म फेस्टिवल कोरिया से एवार्ड हुआ, चौथा एवार्ड फिल्म मेहसमपुर को मामी फिल्म फेस्टिवल में गोल्ड ज्यूरी एवार्ड से नवाजा़ गया। अजीत सिंह ने मुम्बई जैसी प्रतिस्पर्धात्मक फिल्म नगरी में अत्यधिक कठिन परिश्रम कर ये मुकाम हासिल किया है।
अजीत सिंह ने बी. कॉम के बाद फिल्म एवं टेलीविजन इंसटीट्यूट पुणें से वर्ष 2006 में साऊंड इंजीनियर की डिग्री उच्चतम् अंको से प्राप्त कर अतपनी पहली डिप्लोमा फिल्म क्रमशः केलिये मात्र 24 वर्ष की उम्र में सबसे पहला इटरनेशनल एवार्ड सन् 2007 में वेनिस फिल्म में अर्जित कर राष्ट्र, प्रदेश एवं जिले को गौरवान्वित किया।
वर्ष 2009 में 55 वें फिल्म फेस्टिवल में फिल्म क्रमशः के लिये पुनः अजीत सिंह को हमारे राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा रजत कमल एवार्ड से नवाजा़ गया।
एक आदिवासी बहुल क्षेत्र के पढ़कर अजीत सिंह राठौर (जिमी) ने इतनी ऊंचाईयों को बिना किसी सपोर्ट के अपने बल-बूते पर छुआ है यह हमारे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
