भाजपा से नाराज़ नेताओं पर है कांग्रेस की नज़र: चर्चाओं के अनुसार क्या कांग्रेस के टिकट पर बाबूलाल गौर लड़ेंगे लोकसभा चुनाव? | New India Times

रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ झाबुआ (मप्र), NIT:

भाजपा से नाराज़ नेताओं पर है कांग्रेस की नज़र: चर्चाओं के अनुसार क्या कांग्रेस के टिकट पर बाबूलाल गौर लड़ेंगे लोकसभा चुनाव? | New India Times

लोकसभा धत के चुनाव हो या विधान सभा के चुनाव हर चुनाव से पहले पार्टी के नेताओ का रूठना मनाना पार्टी के लिए निष्ठा के साथ काम करना या बगावत करना और अपनी पार्टी को छोड़कर दूसरी पार्टी से चुनाव लड़ना आज कल ये सियासत करने वाले नेताओ के लिए एक फैशन बन गया हैं।
इस समय मध्य प्रदेश की सियासत की बात करे तो भारतीय जनता पार्टी में अंतर्कलह खुलकर सामने आ रहा हैं। अभी अभी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महापौर आलोक शर्मा और भाजपा संग़ठन के कई वरिष्ठ नेताओ की मौजूदगी में भोपाल उत्तर से भाजपा की हारी हुई प्रत्याशी फातिमा रसूल सिद्दीकी और भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रुक्मणी मालवीय के बीच हुआ विवाद सुर्ख़ियो में रहा था। फातिमा रसूल सिद्दीकी ने रुक्मणी मालवीय पर उन्हें हरवाने का आरोप लगाते हुए रुक्मणी मालवीय को भाजपा से निलंबित करने की मांग पार्टी के वरिष्ठ नेताओ से की हैं। वही महिला मोर्चा की अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहाकि चार दिन पहले पार्टी में आई फातिमा रसूल सिद्दीकी में वरिष्ठ नेताओ की इज़्ज़त करने का ज़ज्बा नहीं हैं। उन्होंने कहा था की अब ये तय करेंगी की कौन पार्टी में रहेगा और कौन नहीं। रुक्मणी मालवीय फातिमा रसूल सिद्दीकी की शिकायत भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेन्द्रनाथ सिंह से करने वाली हैं और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को इस विवाद की शिकायत करेंगी। इस अंतर्कलह के बाद मध्य प्रदेश के लोकसभा चुनाव में आपसी विवाद भाजपा पर भारी पड़ेंगे।
वही दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओ की नज़र इस समय भाजपा से नाराज़ चल रहे वरिष्ठ और कद्दावर नेताओ पर टिकी हुई हैं। भाजपा के नाराज़ नेताओ में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर,कांग्रेस के टिकट पर होशंगाबाद से विधान सभा चुनाव हारे पूर्व वनमंत्री सरताज सिंह दमोह के रामकृष्ण कुसमारिया और पूर्व वित्त मंत्री राघव जी प्रमुख रूप से शामिल हैं।
सबसे पहले बात करते हैं मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की। बाबूलाल गौर को सबसे भाजपा ने मंत्री पद से हटाया हैं तब से लेकर आज तक बाबूलाल गौर अपने तीखे और नुकीले बोलो से भाजपा को लहूलुहान करते रहे हैं। यहाँ तक की विधान सभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया था। अब लोकसभा चुनाव से पहले बाबूलाल गौर से कांग्रेस नेताओ की मुलाकाते चर्चा का विषय बनी हुई है। और ये मुलाकाते भाजपा के लिए सरदर्द बनी हुई हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बाबूलाल गौर को भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफर दे दिया हैं ! भोपाल लोकसभा सीट भाजपा का गढ़ रही हैं अगर बाबूलाल गौर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हैं तो ये पक्का हैं की भोपाल लोकसभा सीट कांग्रेस के खाते में चली जाएगी। और भोपाल लोकसभा सीट पर कांग्रेस का कब्ज़ा हो जाएगा।
इसीलिए केंद्रीय संगठन महामंत्री रामलाल को बाबूलाल गौर को घेरे में लेने के लिए भोपाल आना पड़ा और बाबूलाल गौर को आखरी चेतावनी देते हुए साफ़ कह दिया की अगर इस बार आप नहीं माने तो आप जानो और आपका काम पार्टी आप पर कड़ी कार्यवाही करते हुए बाहर का रास्ता दिखा देगी। रामलाल ने बाबूलाल गौर की क्लास लेते हुए उन्हें समझाया की पार्टी ने आपको 10 बार चुनाव लड़वाया मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री और गृह मंत्री बनाया और आपको क्या चाहिए भाजपा ने आपको इतना सब दिया और आप उसी पार्टी से बगावत करेंगे।
दूसरी तरफ भाजपा के पूर्व मंत्री सरताज सिंह ने कहाकि भाजपा अब कुशावाहु ठाकरे की पार्टी नहीं रही हैं भाजपा में अब वरिष्ठ नेताओ को इज़्ज़त नहीं मिलती हैं। वही एक और हुजूर विधानसभा के पूर्व विधायक जीतेन्द्र डागा भी भाजपा से नाराज चल रहे हैं। ये नाराजगी हुजूर से उनका टिकट कटने पर हुई थी और आज भी बरकरार हैं। जीतेन्द्र डागा ने बाबूलाल गौर से मुलाकात करके कहा था की आप लोकसभा चुनाव लड़ो हम आपका साथ देंगे। और अगर आप भोपाल से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे तो फिर भोपाल से में चुनाव लड़ूंगा। बहरहाल ये बगावत मध्य प्रदेश में भाजपा को नुक्सान पहुंचाएगी।

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