मकसूद अली, ब्यूरो चीफ यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

यवतमाल जिले में 90 हजार हेक्टर जमीन पर रब्बी का गेहू, चने की बुआई हुयी है, गेहूं को यूरिया की जरूरत होती है लेकीन जिले की मार्केट में यूरिया उपलब्ध नहीं है, ऐसे में किसानों को यूरिया तुरंत उपलब्ध कराने की मांग का ज्ञापन आध्यात्मिक गुरू प्रेमासाई महाराज ने सोमवार को जिलाधिकारी को सौंपा है। जानबूझकर यूरिया मार्केट में उपलब्ध नहीं कराने का आरोप भी इस समय उन्होंने लगाया है। रबी फसल के गेहूं की बढोतरी के लिए यूरिया की जरूरत रहती है। जनवरी माह में 2 हजार मेट्रिक टन यूरिया और सभी फसलों के लिए दस हजार मेट्रीक टन यूरिया की जरूरत होती है। ऐसे में कृषी आयुक्त की ओर से अब तक यूरिया रिलीज नहीं किया गया है इसलिए तुरंत यूरिया उपलब्ध कराने की मांग अध्यात्मिक गुरू प्रेमासाई महाराज ने इस ज्ञापन में की है।
