अशफाक कायमखानी, जयपुर (राजस्थान), NIT;
राजस्थान के सीकर-लुहारु गांव मार्ग पर झुंझूनु के पहले आने वाले नुवा नामक स्टेशन के कायमखानी बाहुल्य नुवा गावं के मूल निवासी कामिल खान ने मिस्टर इंडिया का खिताब जीत कर पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है।
नुवा गावं के शब्बीर खान के घर 1979 मे जन्मे कामिल खान ने देश भर के विभिन्न स्तर पर हुये मुकाबलों को पार करते हुये आखिरकार फाइनल मुकाबला जीत कर मिस्टर इण्डिया का खिताब जीतकर मिस्टर इण्डिया बने हैं। वैसे कामिल अपनी स्कूली शिक्षा गावं में पूरी करने के बाद कोलेज शिक्षा चुरु में पूरी करके जोधपुर चले गये थे, जहां एक शैक्षणिक इस्टीटयूट में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।
नुवा गाव का नाम कामयाबी के शिखर तक पहुचने वाले हीरों के कारण हमेशा से ही गावं बडा चर्चा मे रहता आया है। यहां के अनेक लोग आज भी आर्मी व सिविल सेवा के आला मुकाम पर फाइज हैं। पिछले साल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में चमकने वाली फराह हुसैन भी इसी गावं की मिट्टी की खुशबू है तो भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अशफाक हुसैन भी इस जमीन पर पैदा व पले बढे हुये हैं। इसी मिट्टी से निकला हिरा लियाकत अली पुलिस सेवा में आई जी पद से रिटायर्ड हुये हैं तो जाकिर हुसैन वित्त विभाग के सबसे ऊपर वाली सीढी के अधिकारी पद पर फाइज हैं। शाहीन खान व जावेद खान नामक युवा राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। सियासत मे भी नुवा की जमीन के कण ने कमाल किया था। राजस्थान से अभी तक दो दफा लोकसभा में चुनाव जीत कर जाने वाले एक मात्र व्यक्ति मरहूम कैप्टेन अय्यूब खां भी इसी मिट्टी की खुशबू थे।
कुल मिलाकर यह है कि राजस्थान के युवाओं को सिविल सेवा में जाने के लिऐ इन दिनों प्रेरित व उनको मार्गदर्शित करने वाली फराह हुसैन ने अपने व्यस्तम दिनचर्या में से मिलने वाले अतिरिक्त समय का बडे ही सलिके से उपयोग करने की जितनी सहरायना की जाये उतनी कम है। वहीं नुवां गावं की मिट्टी में कुदरत ने ऐसी खुशबू घोल रखी है कि उसमें खिलने वाला हर फूल अपनी खुशबू में सभी खुशबुओं को समेट कर उस खुशबू से हर इंसान को आगे कदम बढाने को हर समय प्रेरित करता रहता है।

मशहुर शायर मेहन्दी हसन साहब भी नुआ से ही थे।