अश्वनी मिश्रा/पीयूष मिश्रा, सिवनी/छपारा (मप्र), NIT:

सिवनी जिले के घंसौर ब्लॉक मुख्यालय के बाद अब छपारा ब्लॉक मुख्यालय में भरी दोपहर में शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों के मासूम नौनिहाल बच्चों को मतदान करने की शपथ दिला दी गई। बता दें कि इन बच्चों की उम्र 4 साल से लेकर 10 वर्ष के बीच थी लेकिन बकायदा अधिकारियों द्वारा इन बच्चों का उपयोग करते मतदाता जागरूकता रैली भी निकाली गई।

उल्लेखनीय है कि स्वीप प्लान और मतदाता जागरूकता अभियान के तहत निर्वाचन आयोग के द्वारा मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाने की दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। लेकिन छपारा ब्लाक मुख्यालय में अधिकारियों ने प्राइमरी से लेकर मिडिल स्कूलों के छोटे-छोटे नौनिहाल बच्चों का उपयोग करते हुए इन बच्चों को मतदान करने की शपथ दिलाते हुए भरी दोपहर में उत्कृष्ट विद्यालय परिसर से मतदाता जागरूकता अभियान रैली निकाली गई।
पहली से आठवीं के हजारों बच्चे होते रहे परेशान

छपारा जनपद शिक्षा केंद्र के द्वारा सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों को निर्देश जारी किए गए की मतदाता जागरूकता अभियान के तहत उत्कृष्ट विद्यालय छपारा से दिनांक 12 अक्टूबर दिन शुक्रवार को स्वीप प्लान के तहत नगर में रैली निकाली जानी है जिसके तहत सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों के छात्र छात्राओं सहित स्टाफ की मौजूदगी अनिवार्य है। इस आदेश का पालन करते हुए नगर के लगभग 1 दर्जन से अधिक अशासकीय स्कूलों के अलावा कुछ शासकीय स्कूलों के कक्षा पहली से लेकर कक्षा आठवीं तक के हजारों नौनिहाल छात्र- छात्राओं को लेकर स्कूल प्रबंधन उत्कृष्ट विद्यालय पहुंचा गया। उत्कृष्ट विद्यालय के मैदान में पहले तो अधिकारियों द्वारा इन नौनिहालों को मतदान देने की शपथ दिला दी गई और फिर भरी दोपहर में पूरे छपारा नगर का भ्रमण भी रैली के रूप में करा दिया गया।
क्या ऐसे होगा मतदाता जागरूक?
जिले के घंसौर ब्लॉक मुख्यालय के बाद छपारा ब्लॉक मुख्यालय में जिस तरह से अधिकारियों ने मनमानी करते हुए छोटे छोटे नौनिहाल स्कूली बच्चों का उपयोग मतदाता जागरूकता अभियान में किया है उसे देख कर तो यही कहा जाएगा कि सिवनी जिला अधिकारियों के लिए एक प्रयोगशाला बनी हुई है। जहां कई तरह के प्रयोग अधिकारियों की मनमर्जी से किए जा रहे हैं। मीडिया कर्मियों ने जब मतदाता जागरूकता अभियान के तहत निकाली गई रैली में कुछ बच्चों से पूछताछ की तो इन मासूम नौनिहालों के जवाब सुनकर मीडिया कर्मी भी दंग रह गए बच्चों ने बताया कि उन्हें तख्ती पकड़ाकर नारे लगाने के लिए सर और मैडम ने कहां है और कहां की 26 जनवरी और 15 अगस्त की तरह ही पुरस्कार और मिठाई वितरण किए जायेंगे। सवाल यह है कि अधिकारियों के द्वारा हजारों नौनिहाल स्कूली बच्चों का उपयोग भरी दोपहर में क्यों किया गया और क्या उक्त बच्चे स्वीप प्लान अथवा मतदाता जागरूकता अभियान को समझ या समझा पाएंगे।
