पंकज शर्मा, धार/भोपाल (मप्र), NIT;
दिनांक 16/07/2018 के अनुसार प्रदेश में साक्षरता दर बढ़ाने एवं शाला से बाहर के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिये राष्ट्रीय सेवा योजना उच्च शिक्षा विभाग एवं जन अभियान परिषद् के स्वयं सेवी कार्य करने का लेख हैं। उपरोक्त के परिपालन में राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के पत्र क्रमांक राशिके/सा.भा./124/2018/1601 भोपाल दिनांक 30/07/2018 प्रदेश में साक्षरता दर बढ़ाने हेतु 4 अगस्त 2018 को एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें साक्षरता संविदा प्रेरक की भूमिका स्पष्ट नही है।
साक्षरता संविदा प्रेरक को अक्टूबर 2017 का मानदेय नही दिया है,उसके अगले माह नवंबर 2017 का मानदेय जारी किया गया इसके बाद दिसंबर 2017 से जुलाई 2018 तक का मानदेय नही मिला है।उसमे 31 मार्च 2018 के बाद योजना समाप्ति का लेख है।
साक्षर भारत योजना के अंतर्गत कार्यरत समस्त प्रेरक नियुक्ति शासन के नियमानुसार राज्य शिक्षा केंद्र पुस्तक भवन,बी- विंग अरेरा हिल्स भोपाल के पत्र क्रमांक साक्षर भारत/2012/9274 भोपाल दिनांक 27/09/2012 को प्रकाशित विज्ञापन के अनुसार की गई।जिसमें मध्यप्रदेश में संचालित साक्षर भारत योजनान्तर्गत 42 जिलो में जिला प्रौढ केंद्र के अन्तर्गत प्रेरक के दो पद मध्यप्रदेश शासन की मंशानुसार सृजित कर स्वीकृत किये गये हैं। संविदा आधार पर स्वीकृत किये गये ,इसमें एक पद महिला साक्षरता प्रेरक के लिये व एक पद पुरूष साक्षरता प्रेरक के लिये है।
साक्षरता प्रेरकों की सेवा अवधि विस्तार तो किया गया लेकिन मानदेय में कोई वृध्दि नही गई गयी।संविदा प्रेरक विगत 2012 से निरन्तर कार्य कर रहे है। संविदा प्रेरकों को मात्र 2000 रूपये प्रतिमाह मिलता हैं।
साक्षरता संविदा प्रेरकों द्वारा आज दिनांक तक प्रदेश में 5089108 को नवसाक्षर किया गया जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।इसके बावजूद भी शासन – प्रशासन द्वारा साक्षरता संविदा प्रेरको की सेवा से बाहर का रास्ता 31 मार्च 2018 को दिखा दिया गया है,जिससे साक्षरता संविदा प्रेरक तनावपूर्ण जीवन जी रहा है। इनकी प्रमुख मांगे यह है कि
(1) यह है कि म.प्र.शासन की विभिन्न प्रकार की योजनायें है किसी भी योजना में साक्षरता संविदा प्रेरक को रखकर कार्य को संपादित किया जा सकता है।
(2) यह है कि पूर्व में कार्यरत समस्त गुरूजीयों को म.प्र.शासन के नियमानुसार शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया है ठीक उसी प्रकार संविदा साक्षरता प्रेरकों की संविलियन किया जा सकता है।
इस प्रकार अनेक मांगों को लेकर 5 सितंबर 2018 शिक्षक दिवस पर लालबाग धार परिसर से कलेक्टर कार्यालय तक हाथ पर काली पट्टी बांधकर हाथों में कटोरा लेकर भीख मांगते हुए और राज्य शासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर माननीय मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया; जिसमें अनुरोध किया गया है कि साक्षरता संविदा प्रेरकों की दयनीय दशा को दृष्टिगत रखते हुये समस्त संविदा प्रेरकों की सेवा बहाली एवं संविदा की श्रेणी में रखते हुए नियमितीकरण करने का अनुरोध किया है।
ज्ञापन का वाचन जिला अध्यक्ष राजेश जीराती ने किया।
