मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT;
विगत चार दशकों से एतिहासिक नगरी बुरहानपुर की धरा पर सामाजिक, साहित्यक गतिविधियां एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में सकारात्मक उर्जा पैदा करने वाले तीन विभूतियां सर्वश्री घनश्याम मालवीय (साहित्यकार), महेन्द्र जैन (समाजसेवी) तथा अक़ील आजाद (पत्रकार) को स्व. विजयकुमारसिंह शिन्दे फाउण्डेशन की ओर से सम्मानित किया गया। फाउण्डेशन के संयोजक वैद्य सुभास माने, अध्यक्ष रितेश बाविस्कर, उपाध्यक्ष आशीष शुक्ला, सचिव संजयसिंह शिन्दे एवं संचालक मंडल के द्वारा इन मनीषियों का शाल श्रीफल हार व सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर फाउंडेशन के अध्यक्ष रितेश बाविस्कर ने कहा कि हमारा शहर एक जीवंत शहर है किंतु इसे स्पंदित करने में पत्रकार, साहित्यकार तथा समाज सेवियों की महती भूमिका रही है। सुशिक्षित परिवार से जुड़ी ये प्रतिभाऐं आज की पीढी के लिये प्रेरणा स्त्रोत हैं। वैद्य सुभास माने ने कहा कि प्रतिभाऐं किसी सम्मान की मोहताज नहीं होतीं उनकी कार्य शैली ही उनका सबसे बडा सम्मान है।
सम्मान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुये महेन्द्र जैन कहा कि हम ईश्वर के निर्देशन में समाज के प्रति सौंपे गये दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके लिये किसी प्रतिदान की अपेक्षा कभी नहीं रही। साहित्यकार मालवीय ने कहा कि समाज का प्रत्येक बुध्दिजीवी, जो अपनी कलम से अपने कागज़ पर अपने मस्तिस्क से सदप्रवृत्तीयों की महक से संसार को सुगंधित करे, वही सच्चा साहित्यकार है। प्रदूषित हो रही सामाजिक व्यवस्था के लिये ऐसे साहित्यकार अपेक्षित हैं। पत्रकार अक़ील आज़ाद ने कहा कि पत्रकारिता को मजबुत बनाने के लिये समाज में निष्पक्ष और निर्भिक पत्रकार ही एक सच्ची सोच पैदा कर सकते हैं।
फाउण्डेशन के सचिव संजयसिंह शिन्दे ने कहा कि हमारी संस्था द्वारा समाज की विभुतियों को बुरहानपुर रत्न अलंकरण से प्रतिवर्ष सम्मानित करने का ध्येय इसलिये है कि बुरहानपुर संसार हिन्दी दैनिक के संस्थापक संपादक स्व. विजयकुमार सिंह शिन्दे ऐसी विभुतियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते रहे हैं। आज उनकी आठवीं पुण्य तिथी पर उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुये हमने इन विभूतियों का सम्मान किया है। उक्त तीनों सम्मान तीनों विभूतियों के निवास पर जाकर उनके परिवार व मित्रों के बीच किया गया। इस अवसर पर फाउण्डेशन के रविन्द्र पांडे, लोकेश शिन्दे, निलेश शिन्दे, पुष्पेन्द्र बाविस्कर, दिपक बारी, हिमांशु बारी, शुभम काटे उपस्थीत थे। श्री शिन्दे ने कहा कि आठवीं पुण्य तिथी के अवसर पर संस्था कार्यालय में शहर के लब्ध प्रतिष्ठित पत्रकार साहित्यकार एवं फाउण्डेशन के सदस्यों ने स्व. विजयकुमारसिंह शिन्दे को श्रध्दाजंली अर्पित कर उनकी भावनाओं को सदैव जीवित रखने का संकल्प व्यक्त किया।
