महेश चाइल्ड पॉली क्लीनिक पर नवजात को भर्ती कर जबरन उगाही व छिनौती का आरोप, डीएम ने दिये जांच के आदेश | New India Times

फराज अंसारी, बहराइच (यूपी), NIT; ​महेश चाइल्ड पॉली क्लीनिक पर नवजात को भर्ती कर जबरन उगाही व छिनौती का आरोप, डीएम ने दिये जांच के आदेश | New India Timesउत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपब्ध कराने और गरीबों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है लेकिन असल जिंदगी में ठीक इसके उलट हो रहा है। जिले के प्रख्यात महेश चाइल्ड पॉली क्लिनिक पर इलाज के नाम पर नाजायज़ तरीके से पैसे वसूलने और पैसे न देने पर पीड़ित पिता के साथ अभद्रता का गम्भीर आरोप लगा है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसने अपने नवजात बच्चे को जब अस्पताल में भर्ती कराया तो उससे काफी मोटी रकम वसूली गयी और जब उसने अपने बच्चे को डिस्चार्ज कराना चाहा तो उससे और भी मोटी रकम की मांग कर ली गयी। पीड़ित ने शिकायती पत्र में लिखा है कि उसने जब इसकी शिकायत जिलाधिकारी महोदया से की थी तब क्लिनिक के डॉक्टर द्वारा उससे न सिर्फ अभद्रता की गयी बल्कि उसके जेब से पैसे भी जबरजस्ती छीन लिये गये और उसके बच्चे को लापरवाही के साथ वापस किया गया जिससे उनकी जान पर बल आ गया पीड़ित ने जिला अस्पताल में भर्ती कर अपने बच्चे की किसी तरह जान बचाई। पीडित ने अस्पताल और उसके डॉक्टर के खिलाफ जिलाधिकारी को लिखित शिकायती प्राथना पत्र दे कठोर कार्यवाही की मांग की है जिस पर सीएमओ को जांच के आदेश दे दिये गये हैं।​महेश चाइल्ड पॉली क्लीनिक पर नवजात को भर्ती कर जबरन उगाही व छिनौती का आरोप, डीएम ने दिये जांच के आदेश | New India Timesजनपद के थाना रिसिया निवासी महेश कुमार ने जिला अधिकारी महोदया को लिखित शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनके नवजात को उसने 23-04-2018 को बीमारी की हालत में डिगिहा स्थित महेश पॉलीक्लीनिक में भर्ती कराया था। पीड़ित का कहना है कि भर्ती करते समय उससे डॉक्टर शिशिर अग्रवाल ने उससे 10200 रुपया जमा कराया था और भर्ती करने के दूसरे दिन ही उससे 40000 रुपयों की और मांग कर ली गयी। पीड़ित ने शिकायती पत्र में लिखा है जब उससे 40000 रुपयों की मांग की गई तब उसने अपने बच्चे के लिये इतना पैसे दे पाने अस्मर्थता जाहिर करते हुए बच्चे को अस्पताल से बाहर करने की गुजारिश की लेकिन डॉक्टर साहब पैसों की मांग पर अड़े रहे। पीड़ित ने बताया कि थक हार कर उसने जिलाधिकारी महोदया को इसकी सूचना दूरभाष पर दी और सूचना देने के एक घण्टे बाद उसे डॉक्टर शिशिर अग्रवाल ने कमरे में बुलाया और उसका कॉलर पकड़ लिया यही नहीं उसके जेब से 9700 रुपया भी डॉक्टर साहब ने जबरजस्ती निकाल लिया और फिर उसे गालियां देते हुए कक्ष से बाहर कर दिया। पीड़ित के अनुसार डॉक्टर साहब यहीं पर नही रुके बच्चे को बाहर निकलते समय गले में नली डालकर खींच लिया जिससे उसके बच्चे की हालत और भी बिगड़ गयी। पीड़ित ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर ही बच्चे को जिला महिला अस्पताल में भर्ती किया गया। लेकिन बच्चे को निकालने का कोई रिफ्रेंडम स्लिप उसे नहीं दी गयी। पीड़ित का कहना है कि जब जिला महिला अस्पताल में बच्चे के इलाज के सम्बंध में चली दवाओं के बारे में पूछा गया कि क्या इलाज चला है तब वह फिर पुनः डॉक्टर शिशिर अग्रवाल के पास गया और रिफ्रेंडम स्लिप की मांग की तब डॉक्टर साहब ने उससे सादे कागज पर कुछ टॉप लगवा लिये और उसे बिना किस स्लिप या पर्चे के वापस कर दिया। शिकायती पत्र में पीड़ित ने जिलाधिकारी महोदय का आभार व्यक्त करते हुए लिखा डीएम साहब की सहायता से मेरा बच्च और ज़मीन बिकने से बच गयी। पीड़ित ने डॉक्टर शिशिर अग्रवाल के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की है जिसपर सीएमओ बहराइच को जांच के आदेश दे दिये गये हैं।

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