नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश गुप्ता ने ब्लॉक स्तर के हजारों इलेक्शन रिटर्निंग ऑफिसर्स के वोट जोड़ने काटने के अधिकार ECI Net को देकर पूरे देश में 13 करोड़ वोटर्स के नाम काट दिए हैं। वोटों की डकैती पकड़ी जाने के बाद महाराष्ट्र में वोट चोरी काफ़ी तेज हो गई है। सूत्रों ने बताया है कि जलगांव के जामनेर में तार्किक विसंगति के मामलों की सुनवाई के लिए बीएलओ द्वारा अपील कर्ता से लिखवाया जा रहा हामी पत्र का फॉर्म स्टेशनरी की दुकानों से प्रिंट कर भरवाया जा रहा है।

शिकायतों की सुनवाई के दौरान एक पार्टी विशेष के पदाधिकारी अफसरों के समकक्ष बैठते हैं और वोटर को चुनने का काम करते हैं। फॉर्म 7 के प्रयोग से कितने और कौनसे वोटर हटाए जा रहे हैं किसी को कुछ पता नहीं। इस पूरे प्रकरण में तमाम राजनीतिक दल के नेता चुप हैं। ECI Net का OCR मॉडल किसी को पता नहीं है मैनेज सॉफ्टवेयर के कारण SIR की सारी प्रोसेस को एक देश एक दल एक नेता की केंद्रीकृत सोच ने हाईजैक कर लिया है।
अंजली भारद्वाज को सूचना अधिकार से दिए जवाब में चुनाव आयोग ने बताया कि आयोग ने SIR करने का फैसला हि नहीं लिया तो SIR किस के आदेश पर किया जा रहा है। कांग्रेस ने सबूतों के साथ साबित कर दिया है कि महाराष्ट्र दिल्ली बिहार हरियाणा पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव चोरी किए गए हैं। इसी चोरी के सिस्टम के दम पर अंधभक्त खुले आम किसी को भी खरीदने की भाषा करते नज़र आ रहे हैं। वोट का अधिकार समाजवादी लोकतंत्र की नींव है पूंजीवादी फासिस्ट दीमक इसी नींव को ख़त्म करने में लगे हैं।

