मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव थाने में अनुविभाग स्तर की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा गंभीर मामलों में विवेचना की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

पहले दिन इस महत्वपूर्ण बैठक में एडीपीओ मोहित नामदेव, एजीपी पंकज श्रीवास्तव, एसडीओपी सोनम पाटिल, थाना प्रभारी जे. मसराम, उप निरीक्षक मनोज चौधरी, उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे, उप निरीक्षक पूनम उईके, निरीक्षक लेखन सिंह करिहार सहित तामिया, नवेगांव, जुन्नारदेव, माहुलझिर और दमुआ के एएसआई एवं प्रधान आरक्षकों की प्रमुख रूप से मौजूदगी रही। बैठक के दौरान थानों में दर्ज गंभीर, चिन्हित, सनसनीखेज एवं जघन्य अपराधों की फाइलों की बारीकी से समीक्षा की गई और विवेचकों को कानूनी एवं तकनीकी बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया।
गंभीर और जघन्य अपराधों में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने, समय पर चार्जशीट दाखिल करने और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए विवेचना को त्रुटिरहित बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
दिशा-निर्देश: एडीपीओ मोहित नामदेव द्वारा पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को कानूनी प्रावधानों, अदालती प्रक्रियाओं और साक्ष्य संकलन की बारीकियों के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
सनसनीखेज मामलों की समीक्षा: क्षेत्र में घटित संवेदनशील और सनसनीखेज मामलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र और न्यायसंगत खुलासे के निर्देश दिए गए।
आपसी समन्वय: पुलिस और अभियोजन पक्ष के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई, ताकि अदालतों में मुकदमों की पैरवी मजबूत हो सके और अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।
इस प्रशिक्षण सत्र से विवेचकों को जटिल मामलों की जांच में आने वाली तकनीकी बाधाओं को दूर करने और कानूनी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में बड़ी मदद मिलेगी।

