ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
सगे भाई की हत्या के मामले में आरोपी हरिदास गणेश मापे (35), निवासी तलेगांव बु., तहसील तेल्हारा, जिला अकोला को अकोट स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला 19 सितंबर 2026 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी.एम. पाटील ने सुनाया।
हिवरखेड़ पुलिस थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 290/2021 के अनुसार आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 323 के तहत एक वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 15 जुलाई 2021 की रात आठ दिन पूर्व हुए विवाद को लेकर आरोपी ने अपने भाई शिवाजी मापे को गाली देते हुए घर से बाहर बुलाया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने दोनों हाथों में चाकू लेकर शिवाजी की गर्दन, छाती, बगल और पीठ पर कई वार किए। गंभीर रूप से घायल शिवाजी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान आरोपी की पत्नी द्वारा फरियादी को पकड़कर रखने का भी आरोप लगाया गया था। घटना के समय मृतक के तीन छोटे बच्चे भी मौके पर मौजूद थे।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील अजित देशमुख ने कुल 16 गवाहों की गवाही न्यायालय में प्रस्तुत कराई। इनमें फरियादी, तीन नाबालिग गवाह, चिकित्सा अधिकारी और जांच अधिकारी की गवाही महत्वपूर्ण रही।
प्रकरण की प्रारंभिक जांच तत्कालीन हिवरखेड़ थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक धीरज चव्हाण ने की, जबकि आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक विठ्ठल वाणी ने करते हुए आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
सजा पर बहस के दौरान सरकारी वकील अजित देशमुख ने न्यायालय के समक्ष आरोपी द्वारा अपने सगे भाई की हत्या किए जाने तथा तीन छोटे बच्चों के सामने उनके पिता की हत्या होने का उल्लेख करते हुए कठोर सजा की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी हरिदास मापे को उम्रकैद और कुल 51 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
प्रकरण में पुलिस अधीक्षक अकोला अर्चित चांडक, अकोट उपविभागीय पुलिस अधिकारी निखिल पाटील तथा हिवरखेड़ थाना प्रभारी सचिन पाटील के मार्गदर्शन में पैरवी अधिकारी महिला हेड कांस्टेबल ज्योति तेलगोटे ने सहयोग किया।

