मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

यवतमाल शहर पुलिस थाने के एक पुलिसकर्मी के ख़िलाफ़ दंपती ने जिला पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर धमकाने और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता फौज़िया परवीन शेख आमीर और शेख आमीर उर्फ अम्मु शेख हसन ने पुलिसकर्मी आत्राम पर बार-बार थाने बुलाने, घंटों बैठाकर रखने तथा कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
शिकायत में बताया गया है कि शेख आमीर को करीब पांच-छह वर्ष पूर्व गांजा मामले में गिरफ्तार किया गया था और संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उक्त पुराने मामले के अलावा शहर में होने वाले अन्य अपराधों से उनका कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद उन्हें बार-बार पूछताछ के नाम पर थाने बुलाकर परेशान किया जा रहा है।
‘एसपी ऑफिस से फोन आया है, कार्रवाई करो’ कहने का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी कथित तौर पर कहते हैं कि ‘एसपी ऑफिस से फोन आया है कि अम्मु और उसकी पत्नी पर कार्रवाई करो।’ शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि थाने नहीं पहुंचने पर उन्हें घर से उठाकर ले जाने और जेल में डालने जैसी कथित धमकियां दी गईं।
दंपती के अनुसार, उन्हें कई बार यवतमाल शहर पुलिस थाने बुलाया गया और घंटों तक बैठाकर रखा गया। शिकायत में गाली-गलौज एवं अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है।
अन्य अपराधों में फंसाने की आशंका जताई
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शहर में होने वाले किसी भी अपराध के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराने अथवा फंसाने जैसी बातें कही जाती हैं। उनका कहना है कि इस तरह की कथित धमकियों से परिवार मानसिक तनाव और भय के माहौल में है।
दंपती ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित पुलिसकर्मी के आचरण की जांच करने तथा बिना उचित कारण उन्हें थाने बुलाकर परेशान नहीं किए जाने की मांग की है।
अब जांच से स्पष्ट होगी आरोपों की सच्चाई
मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। शिकायत में किए गए दावों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इसके लिए थाने के रिकॉर्ड, पूछताछ या बुलावे का कारण, संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिसकर्मी आत्राम और यवतमाल शहर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप:-
बार-बार थाने बुलाने का आरोप
कई घंटे तक थाने में बैठाकर रखने का दावा
कथित गाली-गलौज व अभद्र भाषा का आरोप
घर से उठाकर ले जाने की कथित धमकी
जेल भेजने की धमकी का आरोप
अन्य अपराधों में फंसाने की कथित चेतावनी
एसपी कार्यालय के नाम पर कार्रवाई का दबाव बनाने का दावा

