साबिर खान, झज्जर/बादली (हरियाणा), NIT:
हरियाणा के झज्जर जिले के बादली थाना क्षेत्र में दलित मजदूरों के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार और मारपीट का मामला सामने आया है। कासगंज (उत्तर प्रदेश) निवासी मजदूरों ने आरोप लगाया है कि चोरी के शक में उन्हें पहले मुंडाखेड़ा गांव में बंधक बनाकर पीटा गया और बाद में बादली थाने में भी उनके साथ जातिसूचक गालियां देते हुए बर्बरता की गई। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पीड़ित वीरेश कुमार, मुकेश कुमार और रजनीश कुमार के अनुसार, वे मई में मुंडाखेड़ा गांव निवासी उत्तम जाट के यहां पेंट-पुताई का काम करने गए थे। काम पूरा होने के बाद वे वापस लौट गए। आरोप है कि 10 अगस्त को पारस नामक युवक ने फोन कर घर में चोरी होने की बात कहते हुए उन्हें पूछताछ के लिए दोबारा गांव बुलाया।



पीड़ितों का आरोप है कि 15 अगस्त को उन्हें उत्तम जाट और उसके परिवार के लोगों ने बंधक बना लिया। घर के दरवाजे बंद कर उनके साथ मारपीट की गई और जातिसूचक गालियां दी गईं। आरोप है कि जमीन पर थूककर उसे चटवाया गया, जूते-चप्पलों से पीटा गया तथा जान से मारने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपये की मांग की गई।
थाने में भी मारपीट और अमानवीय व्यवहार का आरोप
पीड़ितों के मुताबिक, 16 अगस्त को बादली थाने में तैनात जांच अधिकारी सुरेंद्र के बुलावे पर वे थाने पहुंचे। आरोप है कि वहां भी उनके साथ जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए मारपीट की गई। पीड़ितों ने पुलिसकर्मी पर डंडे और प्लास्टिक पाइप से पिटाई करने, थूक चटवाने तथा जूते उठवाने का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, मारपीट के दौरान मुकेश कुमार बेहोश हो गया। आरोप है कि रजनीश द्वारा पानी मांगने पर भी उसे पानी नहीं दिया गया। पीड़ितों ने जांच अधिकारी पर मामला निपटाने के नाम पर दो लाख रुपये रिश्वत मांगने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
भीमसेना ने दी आंदोलन की चेतावनी

मामले को लेकर भीमसेना प्रमुख एवं संविधान सुरक्षा पार्टी के सुप्रीमो नवाब सतपाल तंवर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री, हरियाणा सरकार और झज्जर पुलिस प्रशासन से मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी तथा आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
तंवर ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर झज्जर बंद और चक्का जाम की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को हरियाणा और देशव्यापी स्तर तक ले जाने का आह्वान किया जा सकता है।
पीड़ितों ने मामले में उत्तम जाट, पारस जाट, भूप सिंह जाट सहित अन्य लोगों तथा बादली थाने के जांच अधिकारी सुरेंद्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक जांच और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

