अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

पूर्व मध्य रेल द्वारा रेल परिचालन की क्षमता, दक्षता और संरक्षा बढ़ाने की दिशा में मोकामा–रामपुर डुमरा रेलखंड पर विभिन्न आधारभूत संरचना एवं सिग्नलिंग कार्यों को पूरा किया गया। दानापुर मंडल के लगभग 13 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर तीन नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, दो लेवल क्रॉसिंग गेट इंटरलॉकिंग तथा ऑटो सिग्नलिंग कार्य की कमिश्निंग की गई।
मोकामा–रामपुर डुमरा रेलखंड के टाल, हाथीदह और रामपुर डुमरा स्टेशनों पर तीन नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की कमिश्निंग से ट्रेनों के परिचालन में दक्षता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। साथ ही रेल परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। दो लेवल क्रॉसिंग गेटों की इंटरलॉकिंग से रेल एवं सड़क यातायात के सुरक्षित संचालन में भी सुधार होगा।

ऑटो सिग्नलिंग कार्य पूरा होने से रेलखंड की लाइन क्षमता का बेहतर उपयोग संभव होगा तथा ट्रेनों के संचालन और परिचालन प्रबंधन में सुगमता आएगी।
इसी क्रम में राजेंद्र पुल, मोकामा के समानांतर माल एवं यात्री ट्रेनों के परिचालन के लिए बनाए गए नए पुल तथा विद्युतीकरण के साथ दोहरीकरण कार्य का रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वी सर्किल, कोलकाता द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की प्रक्रिया 3 और 4 अक्टूबर को दो दिनों में पूरी की जानी है।
निरीक्षण के पहले दिन रेल संरक्षा आयुक्त गुरु प्रकाश ने मोटर ट्रॉली से राजेंद्र पुल और हाथीदह अप के बीच बने मुख्य पुल (पूर्वी लाइन) तथा हाथीदह अप से रामपुर डुमरा के बीच नए वायाडक्ट-1 (हावड़ा एंड) तक रेल संरचना का विस्तृत निरीक्षण किया।
इस दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण/दक्षिण राजीव गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक/दानापुर विनोद कुमार सहित निर्माण संगठन, इरकॉन और दानापुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि नए पुल पर मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू होने से क्षेत्र में रेल यातायात की गति और क्षमता बढ़ेगी। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

