नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

नासिक में होने वाले कुंभ की पवित्रता को बोगस वर्क ऑर्डर करतूत ने कलंकित कर दिया है। कुंभ के प्रबंधक गिरीश महाजन के भतीजे तनय अनंत महाजन के साथी नरेन्द्र तोताराम महाजन ने जामनेर के वसीम , सौदागर , शकील , शोएब को इस साज़िश में लपेट लिया। किशोर जगदीश उपाध्याय , शेख शामिन शेख शब्बीर , नसीर रशीद पठान ने ठगी की शिकायते दर्ज की है।

सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि साज़िश का मास्टर माइंड मुंबई में एक आलीशान रेस्टोरेंट चलता है। टेंडर्स को बायपास कर 600 करोड़ रुपए के वर्क ऑर्डर्स जारी कर ठेकेदारों से तीन करोड़ रुपए लूटने वाला गिरोह बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के इतने बड़े कांड को अंजाम नहीं दे सकता। सोर्स बताते हैं कि इस पूरे षडयंत्र में कुल 45 लोग शरीक हैं सभी जलगांव से संबंधित हैं।
राजनीतिक समीक्षक अब खुलकर यह बोलने लगे है कि सिस्टम के इसी सड़े हुए हिस्से ने अनेकों नेताओं को राजनेता बनाया। अयोध्या में राम मंदिर चंदा चोरी के बाद राम जी के राज्याभिषेक नगरी नासिक में घटित फर्जी वर्क ऑर्डर घोटाले ने जनता की धार्मिक आस्था को गहरी चोट पहुंचाई है। सरकार के प्रमुख और नासिक के अभिभावक मंत्री देवेन्द्र फड़नवीस किसी को भी बख्शने के मुड़ में नहीं हैं ।
शिवसेना ने मांगा महाजन का इस्तीफ़ा :
जलगांव शिवसेना ने कुंभ प्रबंधक मंत्री गिरीश महाजन के इस्तीफ़े की मांग की है। देवेन्द्र फड़नवीस सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि उनकी सरकार में इस्तीफे नहीं होते हैं। विपक्ष जिन मंत्रियों का इस्तीफ़ा मांगता है उन मंत्रियों को मुख्यमंत्री द्वारा तत्काल प्रभाव से क्लीन चिट दे दी जाती है। वर्क ऑर्डर मामले में CM की ओर से अभी तक किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई। बीजेपी की छबि सुधारने के लिए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस किस को चिट करार देते हैं इसका फैसला भविष्य करेगा।

