चांदपुर में विश्व आदिवासी दिवस का जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम, हजारों की संख्या में समाजजन हुए शामिल; 38 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

चांदपुर में विश्व आदिवासी दिवस का जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम, हजारों की संख्या में समाजजन हुए शामिल; 38 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा | New India Times

अलीराजपुर जिले के ग्राम चांदपुर में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित विश्व आदिवासी दिवस का जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में झाबुआ, मेघनगर, थांदला, अलीराजपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में आदिवासी समाजजन शामिल हुए।

चांदपुर में विश्व आदिवासी दिवस का जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम, हजारों की संख्या में समाजजन हुए शामिल; 38 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा | New India Times

कार्यक्रम की शुरुआत अलीराजपुर कमेटी के सदस्यों द्वारा स्थानीय टंट्या मामा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद क्षेत्र के पटेल एवं पुजारियों द्वारा पारंपरिक पूजा-अर्चना की गई। उपस्थित लोगों ने खड़े होकर धरती वंदना भी की।

कार्यक्रम में आदिवासी समाज के सामाजिक एवं समसामयिक मुद्दों पर विचार-मंथन किया गया। प्रोफेसर अर्जुन भाई राठवा ने कहा कि आज देश के आदिवासी एकजुट हो रहे हैं। हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया और जल, जंगल एवं जमीन की लड़ाई लड़ी। आज भी समाज अपने संवैधानिक हक और अधिकारों के लिए संघर्षरत है।

पूर्व विधायक मुकेश पटेल ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों एवं अतिथियों द्वारा दिए जाने वाले संदेशों को अमल में लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी भी कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए समाज को एकजुट नहीं होने देना चाहते हैं और लोगों को रोकने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्य वक्ता गजानंद ब्रह्माने ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1994 में आदिवासियों की पहचान और अस्तित्व को साबित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने बताया कि इससे पहले भारत सरकार के प्रशासनिक प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी कि भारत में आदिवासी नहीं रहते हैं। इसके विरोध में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात रखी और अपने पक्ष में मूलनिवासी एवं जाति प्रमाण पत्र को प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया।

जोबट विधायक सेना पटेल ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिले में आदिवासी समाज के बीच उत्साह का माहौल है। समाज जागरूक हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दिन संगठन और राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर सभी को एक मंच पर आकर समाज के हित में कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए समाज को बांटने में लगे हुए हैं। समाज को केवल नाचने-गाने तक सीमित रखने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि समाज को अपने अधिकारों और विकास के लिए भी जागरूक होना जरूरी है।

कार्यक्रम को आदिवासी समाज जिला कोर कमेटी के सदस्य एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष मुकेश रावत, कमेटी सदस्य रतनसिंह रावत, भीमसिंह मसानिया, भंगुसिंह तोमर, नितेश अलावा, अरविंद कनेश, मालसिंह तोमर, गुलाबी तोमर, साक्षी चोंगड़ सहित स्थानीय वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम स्थल पर जिले की विभिन्न समस्याओं एवं जनहित से जुड़ी मांगों को लेकर 38 सूत्रीय ज्ञापन कलेक्टर के प्रतिनिधि एवं संयुक्त कलेक्टर ग्रेवाल को सौंपा गया।

कार्यक्रम में गुजरात के आनंद से आई नृत्य टीम ने अपनी प्रस्तुति से सभी को आकर्षित किया। वहीं आदिवासी टिमली के गायक कलाकार दीपक चोंगड़ ने अपनी ओजस्वी वाणी से शानदार प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम का स्वागत भाषण राकेश जमरा ने दिया, जबकि आभार आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंह बामनिया ने व्यक्त किया।

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