मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
जिले में लगातार हो रही वर्षा तथा ताप्ती नदी सहित विभिन्न नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शुक्रवार को कलेक्टर हर्ष सिंह एवं पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने शहर एवं आसपास के संवेदनशील जलभराव वाले क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक रेणुका झील पहुंचे, जहां उन्होंने झील के जलस्तर, जल निकासी व्यवस्था तथा पानी के बहाव का निरीक्षण किया। इसके बाद वे राजघाट पहुंचे, जहां जलस्तर की स्थिति का जायजा लेने के साथ मौके पर तैनात पुलिस बल से चर्चा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
कलेक्टर हर्ष सिंह ने निर्देश दिए कि जलभराव वाले सभी क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। नगरीय क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अलावा अधिकारियों ने हतनूर पुल का भी निरीक्षण कर वहां की स्थिति का आकलन किया तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल लागू करने के निर्देश दिए।
ताप्ती नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासन ने नदी तटों और घाटों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए घाटों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष बैरिकेडिंग की गई है तथा पुलिस, होमगार्ड एवं विशेष पुलिस अधिकारियों के जवानों की तैनाती की गई है।
नागझिरी घाट, पीपल घाट, राजघाट, हतनूर सहित जिले के सभी प्रमुख घाटों एवं संभावित जलभराव वाले स्थलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षित आपदा मित्र भी पूरी तरह सक्रिय और तैयार हैं। लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए अधिकारी मैदानी स्तर पर भ्रमण कर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन प्रत्येक परिस्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जिला पुलिस एवं प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों एवं नदी-नालों के पास न जाएं, उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग एवं समन्वय किया जा रहा है।

