महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं, झाबुआ को मिली विकास की सौगात | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं, झाबुआ को मिली विकास की सौगात | New India Times

झाबुआ जिले के थांदला स्थित शासकीय महाविद्यालय कॉलेज ग्राउंड में शुक्रवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय “स्व-सहायता समूहों का क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम” में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया तथा मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए ₹300 करोड़ के ऋण का वितरण किया और झाबुआ जिले को ₹283.81 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी।

महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं, झाबुआ को मिली विकास की सौगात | New India Times

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में चंबल क्षेत्र को रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है। ग्वालियर में प्रदेश की नई उद्योग नीति के तहत ₹14 हजार करोड़ से अधिक के निवेश संबंधी एमओयू किए गए हैं, जिससे विशेष रूप से चंबल क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से परिवारों की प्रगति तथा समाज की समृद्धि के लिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित माताओं-बहनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि महिला शक्ति के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। स्वयं सहायता समूह आज प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने तथा स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से ₹300 करोड़ का ऋण वितरित किया गया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति का सदैव सम्मान रहा है। रानी अहिल्याबाई होल्कर, रानी दुर्गावती, रानी अवंतिबाई और रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं ने अपने साहस से देश का गौरव बढ़ाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि झाबुआ जिले में चार “दीदी कैफे” सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जबकि पूरे प्रदेश में 196 आजीविका कैफे संचालित हैं। महिलाओं को ड्रोन दीदी, बैंक सखी और लखपति दीदी जैसी योजनाओं से रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर मिल रहे हैं। प्रदेश ने इस वर्ष 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन कर देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है, जिसमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्तमान में 89 ड्रोन दीदियां कृषि के आधुनिकीकरण में योगदान दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाएं व्यावसायिक सब्जी उत्पादन, जैविक खेती और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं। कामधेनु योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादन के लिए ₹40 लाख तक की परियोजना पर ₹10 लाख का अनुदान दिया जाएगा। झाबुआ जिले में लगभग एक हजार करोड़ रुपये का व्यापार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित हो रहा है तथा जिले के 11,900 से अधिक स्वयं सहायता समूहों से 1.56 लाख से अधिक परिवारों को आजीविका प्राप्त हो रही है। 64 हजार से अधिक लखपति दीदियां आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। शासकीय सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत तथा स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता मिल रही है। महिला सुरक्षा फोर्स और महिला थानों की स्थापना के साथ महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि धार जिले में स्थापित होने वाला पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क जनजातीय क्षेत्र में तीन लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा। वहीं झाबुआ जिले के चारोलीपाड़ा में ₹70 करोड़ की लागत से आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय, झाबुआ एवं रजला में सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण तथा पेटलावद में श्रृंगेश्वर घाट एवं माही नदी तट संरक्षण कार्य का भूमिपूजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने थांदला में हेलीपैड निर्माण, झाबुआ में खेल परिसर, पीपलखूंटा एवं थांदला में पद्मावती नदी तट पर घाट निर्माण, जनजातीय क्षेत्रों में पट्टों की निःशुल्क रजिस्ट्री तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विद्यार्थियों को विद्यालयीन गणवेश उपलब्ध कराने की घोषणाएं भी कीं।

कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झाबुआ जिले को लगातार विकास कार्यों की सौगात मिल रही है तथा जनजातीय क्षेत्र में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने अपने प्रवास के दौरान झाबुआ जिले को कुल ₹283.81 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें ₹174.64 करोड़ की लागत से 29 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹109.17 करोड़ की लागत से पूर्ण हुए 28 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 215 स्वयं सहायता समूहों को ₹10.08 करोड़ का ऋण वितरित किया गया। पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना तथा पीएमएफएमई योजना के हितग्राहियों को भी ऋण एवं सहायता राशि प्रदान की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत लाभ वितरित किया गया तथा किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों को हेलमेट वितरित किए गए।

इस अवसर पर जिले के बोर्ड परीक्षा के मेधावी विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भानु भूरिया, प्रदेश प्रवक्ता कलसिंह भाबर, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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